विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र में T आकार का प्लॉट या घर भी अशुभ माना गया है। T आकार एक अनियमित भूखंड है जिसमें एक दिशा में एक अतिरिक्त उभार होता है और यह वर्गाकार या आयताकार नहीं होता।
T शेप प्लॉट में प्रायः ब्रह्मस्थान (केंद्र भाग) असंतुलित होता है, जिससे पूरे भवन में ऊर्जा का वितरण असमान हो जाता है। वास्तुपुरुष मंडल में इस आकार में कुछ दिशाओं का विस्तार और कुछ का सिकुड़न होती है।
इस प्लॉट के प्रभावों में आर्थिक अस्थिरता, परिवार में लगातार विवाद और स्वास्थ्य समस्याएँ शामिल हो सकती हैं। विस्तार किस दिशा में है, इस पर प्रभाव की गंभीरता निर्भर करती है। यदि उत्तर-पूर्व दिशा में विस्तार हो तो यह कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। यदि दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम में विस्तार हो तो यह अधिक अशुभ माना जाता है।
इसके अलावा T-point पर बना घर यानी जहाँ एक सड़क सीधे घर के मुख्य द्वार तक आकर समाप्त होती हो, वह भी वास्तु में अशुभ है। इसे 'विद्धि दोष' या 'सूली दोष' कहते हैं और इससे घर में हमेशा तनाव और अशांति बनी रहने की आशंका होती है।
वास्तु विशेषज्ञ की सलाह से कंपाउंड वॉल या बाउंड्री में परिवर्तन करके, वास्तु यंत्र लगाकर और पेड़-पौधों के माध्यम से कुछ दोषों को कम किया जा सकता है।





