विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र के अनुसार वॉशिंग मशीन में जल और बिजली दोनों तत्वों का उपयोग होता है। इसलिए इसे गलत दिशा में रखने से जल तत्व और अग्नि तत्व में असंतुलन पैदा हो सकता है, जिसका प्रभाव परिवार की आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर पड़ता है।
वॉशिंग मशीन रखने के लिए वास्तु में सबसे उत्तम दिशा उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) मानी गई है। यह वायु तत्व की दिशा है, जो मशीन की गतिशीलता और जल तत्व के संतुलन के लिए उपयुक्त है। इस दिशा में रखने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और सकारात्मकता बनी रहती है।
कुछ वास्तु विशेषज्ञ दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) को भी उचित बताते हैं क्योंकि यह बिजली के उपकरणों के लिए अनुकूल दिशा है।
किस दिशा में न रखें: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में वॉशिंग मशीन बिल्कुल न रखें। यह देव दिशा है और यहाँ गंदे कपड़े धोने की मशीन रखने से मानसिक अशांति बढ़ती है। दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) में भी नहीं रखनी चाहिए।
मशीन के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, पानी जमा न होने दें। गंदे कपड़े मशीन के पास अव्यवस्थित ढेर में न रखें। यदि बाथरूम में जगह हो तो वहाँ भी दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं।





