विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र में घर के परिसर में कुछ विशेष पेड़-पौधे लगाने से मना किया गया है, क्योंकि इनसे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख-शांति प्रभावित होती है।
पीपल का पेड़ घर के भीतर या आँगन में नहीं लगाना चाहिए। यह देवी-देवताओं का वास स्थान माना गया है, इसलिए घर में होने पर इसे काटना भी संभव नहीं होता, जो कालांतर में घर की नींव और दीवारों को नुकसान पहुँचाता है। अगर पीपल अपने आप उग आए तो उसे मंदिर या पवित्र स्थान में लगाना चाहिए।
इमली का पेड़ भी घर में नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि इस पेड़ पर नकारात्मक शक्तियों का वास होता है और इसके कारण घर में आर्थिक अस्थिरता बनी रहती है।
कैक्टस और कांटेदार पौधे (गुलाब को छोड़कर) घर के अंदर नहीं रखने चाहिए। इनके कांटे नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं और परिवार में कलह का कारण बनते हैं।
बोनसाई पौधे घर में नहीं रखने चाहिए क्योंकि ये रुके हुए विकास और संघर्ष के प्रतीक माने जाते हैं।
जिन पौधों से दूध जैसा पदार्थ (latex) निकलता हो जैसे मदार, ऐसे पौधे भी घर में नहीं लगाने चाहिए। इनसे घर में नकारात्मकता बढ़ती है।
इसके अलावा बेर, बबूल, मेहंदी, खजूर जैसे पेड़ भी घर के आँगन में नहीं लगाने चाहिए। सूखे या मुरझाए पौधे तुरंत हटा देने चाहिए।





