विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में यममार्ग की यातनाओं का अत्यंत विस्तृत वर्णन किया गया है। यह वर्णन पापी जीवात्माओं के अनुभव का है:
भूख और प्यास — यममार्ग पर कोई भोजन-जल नहीं। पापी जीव भूख-प्यास से तड़पता रहता है। पिंडदान से कुछ राहत मिलती है परंतु पापी को पिंडदान भी तृप्त नहीं कर पाता।
गर्म बालू और तेज धूप — मार्ग पर जलती हुई बालू और कड़ी धूप होती है जिस पर नंगे पैर चलना असहनीय यातना है।
यमदूतों के कोड़े — यमदूत पीठ पर कोड़े मारते हुए जीव को आगे ले जाते हैं।
कुत्तों का आक्रमण — रास्ते में भयंकर कुत्ते काटते हैं।
वैतरणी नदी — यह नदी रक्त, मवाद, सूई जैसे मुख वाले कीड़ों और विषधर सर्पों से भरी है। पापी इसमें डूबते-उतराते यातना पाता है।
नरक का भय — यमदूत मार्ग में बार-बार नरक की यातनाओं का वर्णन सुनाते हैं जिससे जीव का हृदय और अधिक भयभीत होता है।
नींद और गिरना — थककर जगह-जगह गिरना और बेहोश होना, फिर उठकर चलना।





