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पुराण प्रश्नोत्तरी — 32 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 32 प्रश्न

शिव महिमा

शिव जी के गले में जो सर्प है वह वासुकी है या शेषनाग?

शिव जी के गले में लिपटे सर्प का नाम वासुकी है, न कि शेषनाग। शेषनाग भगवान विष्णु के सर्प हैं। वासुकी नागों के राजा और शिव के परम भक्त हैं, जिन्हें समुद्र मंथन में भाग लेने के बाद शिव ने गले में स्थान दिया।

वासुकीशेषनागशिव नाग
लोक

भुवर्लोक और आधुनिक विज्ञान के वायुमंडल में क्या समानता पुराणों में बताई गई है?

भागवत पुराण कहता है कि जहाँ तक वायु बहती है और बादल दिखते हैं वहाँ तक अंतरिक्ष है। यह आधुनिक विज्ञान के वायुमंडल की निश्चित सीमा की अवधारणा से मेल खाता है।

भुवर्लोकआधुनिक विज्ञानवायुमंडल
शास्त्र ज्ञान

पुराण कितने हैं?

18 महापुराण (+ 18 उप-पुराण)। महर्षि वेदव्यास-संकलित। सबसे बड़ा: स्कंद पुराण (81,000 श्लोक)। सर्वप्रचलित: भागवत पुराण (18,000 श्लोक, 12 स्कंध)। त्रिमूर्ति (ब्रह्म-विष्णु-शिव) को 6-6-6 पुराण समर्पित। गरुड़ पुराण — मृत्यु-संस्कार पाठ।

पुराण18 महापुराणवेदव्यास
शास्त्र ज्ञान

वेद और पुराण में क्या अंतर है?

वेद = श्रुति, अपौरुषेय, सर्वोच्च प्रमाण, मंत्रात्मक, कठिन। पुराण = स्मृति, व्यास-संकलित, वेद-ज्ञान को कथाओं में सरल करके प्रस्तुत। वेद सूत्र रूप में, पुराण विस्तार रूप में। पुराण वेद के पूरक हैं, प्रतिस्थापन नहीं। दोनों का एक-दूसरे के बिना पूर्ण बोध कठिन।

वेदपुराणश्रुति
अस्त्र शस्त्र

दिव्यास्त्र कैसे प्राप्त होते थे पुराणों में?

दिव्यास्त्र तीन प्रकार से मिलते थे — (1) देव-तपस्या से वरदान (2) सिद्ध गुरु से शिक्षा (3) युद्ध में पराक्रम पर देव वरदान। पात्रता, पवित्रता और एकाग्रता आवश्यक थी।

दिव्यास्त्र प्राप्तितपस्यागुरु शिक्षा
श्रीमद्भागवत

पुराण को पाँचवाँ वेद क्यों कहते हैं?

इतिहास और पुराण को पाँचवाँ वेद कहा गया है; आगे महाभारत द्वारा वेद का अर्थ आम लोगों के लिए खोलने की बात आती है।

पुराणपाँचवाँ वेदइतिहास
श्रीमद्भागवत

सूतजी को पुराणों का ज्ञाता क्यों माना गया?

क्योंकि उन्होंने इतिहास, पुराण और धर्मशास्त्रों का अध्ययन और व्याख्या की थी तथा व्यासादि मुनियों के ज्ञान को जानते थे।

सूतजीपुराणधर्मशास्त्र
पुराण परिचय

पुराणों को हर द्वापरयुग में कौन विभाजित करता है?

प्रत्येक द्वापरयुग में बृहद् पुराणसंहिता को व्यासजी अठारह पुराणों के रूप में विभक्त करते हैं।

पुराणद्वापरयुगव्यासजी
पुराण कथा

सूतजी कौन थे?

सूतजी पुराणों के ज्ञाता, परम बुद्धिमान और व्यासजी से पुराणसंहिता प्राप्त करने वाले पौराणिक थे।

सूतजीव्यासजीपुराण
लोक

भृगु पत्नी वध की कथा किस ग्रंथ में आती है?

यह कथा मत्स्य पुराण, पद्म पुराण, देवी भागवत और रामायण में संदर्भित है।

भृगु पत्नी वधग्रंथपुराण
लोक

ब्रह्मा और शिव जल्दी वरदान क्यों देते हैं?

पुराणों में ब्रह्मा और शिव तपस्या से शीघ्र प्रसन्न होकर सकाम वरदान देने वाले देवों के रूप में वर्णित हैं।

ब्रह्मा शिववरदानपुराण
लोक

समुद्र मंथन कब हुआ था?

समुद्र मंथन पुराणों के अनुसार चाक्षुष मन्वन्तर में हुआ था।

समुद्र मंथन समयचाक्षुष मन्वन्तरपुराण
लोक

रावण असल में कौन था पुराणों के अनुसार

पुराणों के अनुसार रावण जय नामक वैकुण्ठ द्वारपाल का श्रापित जन्म था।

रावणपुराणजय विजय
लोक

आदित्य किसके पुत्र माने गए हैं?

आदित्य महर्षि कश्यप और अदिति के 12 पुत्र माने गए हैं।

आदित्यकश्यपअदिति
लोक

पिशाचों की उत्पत्ति कैसे हुई?

एक मत में पिशाच ब्रह्मा की रचना हैं, दूसरे मत में वे कश्यप और क्रोधवशा या पिशाचा की संतान माने गए हैं।

पिशाच उत्पत्तिब्रह्माकश्यप
लोक

अलग-अलग पुराणों में पाताल लोकों के नाम अलग क्यों हैं?

पुराणों में नामों का अंतर कल्प, मन्वन्तर और वर्णन शैली के भेद से है, पर सात अधोलोकों की संरचना एकमत से स्वीकार है।

पाताल लोकपुराणअधोलोक
लोक

अलग-अलग पुराणों में महातल का स्थान क्या है?

अलग-अलग पुराणों में महातल लगभग सर्वसम्मति से पांचवें पाताल के रूप में माना गया है।

पुराणमहातल स्थानपांचवां पाताल
लोक

तलातल को गभस्तिमत् क्यों कहा गया है?

विष्णु और ब्रह्माण्ड पुराण में तलातल को गभस्तिमत् नाम से संबोधित किया गया है।

तलातलगभस्तिमत्पीली भूमि
लोक

योजन क्या होता है?

योजन प्राचीन दूरी मापने की इकाई है, जिससे लोकों की दूरी बताई गई है।

योजनदूरीमापन
लोक

जनलोक की दूरी कितनी बताई गई है?

जनलोक महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर स्थित है।

जनलोक दूरीमहर्लोकयोजन
लोक

विभिन्न पुराणों में तपोलोक के वर्णन अलग होते हुए भी उनकी मूल सहमति क्या है?

सभी पुराण तपोलोक को पवित्र, वैराग्यपूर्ण, तपस्वियों और वैराज देवगणों का उच्च दिव्य लोक मानते हैं।

पुराणतपोलोकमूल सहमति
लोक

पुराणों में तपोलोक की दूरी अलग-अलग क्यों मिलती है?

दूरी का अंतर कल्प-भेद और ब्रह्मांड-भेद से समझा जाता है; प्रचलित मत आठ करोड़ योजन का है।

तपोलोक दूरीपुराणकल्प-भेद
लोक

तपोलोक किस धर्म ग्रंथों में बताया गया है?

तपोलोक का वर्णन पुराणों, उपनिषदों, स्मृतियों और वैदिक ब्रह्मांड विज्ञान में मिलता है।

तपोलोकशास्त्रपुराण
नीलकंठ स्तोत्र की पहचान और स्रोत

नीलकंठ स्तोत्र पुराण से है या तंत्र से?

नीलकंठ का तत्व पुराणों (शिवपुराण) में है, लेकिन यह विशेष स्तोत्र तंत्र (रामेश्वर तंत्र) से है। इसकी बीज मंत्र संरचना शुद्ध रूप से तांत्रिक है।

पुराणतंत्रनीलकंठ स्तोत्र

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।