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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

राजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा क्यों हुई?

राजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा इसलिए हुई क्योंकि भीष्म उन्हें सबके आत्मा प्रभु और सबसे पहले पूजने योग्य मानते हैं।

राजसूय यज्ञकृष्ण पूजायुधिष्ठिर
श्रीमद्भागवत

कृष्ण का नाम लेते हुए मृत्यु से क्या फल मिलता है?

कृष्ण में मन लगाकर और उनके नाम का कीर्तन करते हुए शरीर छोड़ने वाला योगी कामना और कर्मबंधन से मुक्त होता है।

कृष्ण नाममृत्युभक्ति
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को कौन से धर्म बताए?

भीष्म ने युधिष्ठिर को वर्णाश्रम धर्म, प्रवृत्ति-निवृत्ति धर्म, दानधर्म, राजधर्म, मोक्षधर्म, स्त्रीधर्म, भगवद्धर्म और पुरुषार्थ बताए।

भीष्मयुधिष्ठिरधर्म
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने मृत्यु से पहले क्या उपदेश दिया?

भीष्म ने मृत्यु से पहले युधिष्ठिर को वर्णाश्रम धर्म, दानधर्म, राजधर्म, मोक्षधर्म, स्त्रीधर्म, भगवद्धर्म और पुरुषार्थों के उपाय बताए।

भीष्म उपदेशयुधिष्ठिरधर्म
श्रीमद्भागवत

भीष्म के अनुसार कृष्ण नारायण कैसे हैं?

भीष्म के अनुसार कृष्ण साक्षात आदिपुरुष नारायण हैं, जो यदुवंश में छिपकर लीला करते हैं और सबके आत्मा हैं।

कृष्ण नारायणभीष्मपरमात्मा
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने कृष्ण को भगवान क्यों माना?

भीष्म ने कृष्ण को भगवान इसलिए माना क्योंकि वे साक्षात नारायण, सबके आदिकारण, सर्वात्मा और अनन्य भक्तों पर कृपा करने वाले परमात्मा हैं।

भीष्मकृष्ण भगवाननारायण
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति में कृष्ण के युद्ध रूप का वर्णन क्या है?

भीष्म स्तुति में कृष्ण के युद्ध रूप में धूल-पसीने से सजे केश, कवच, बाणों के घाव, रास-चाबुक और पार्थसारथी छवि आती है।

कृष्ण युद्ध रूपभीष्म स्तुतिमहाभारत युद्ध
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति में गीता का प्रसंग क्या है?

भीष्म स्तुति में गीता का प्रसंग अर्जुन का मोह दूर करने और कृष्ण के पार्थसारथी रूप को दिखाने के लिए आता है।

भीष्म स्तुतिगीताअर्जुन
श्रीमद्भागवत

भीष्म ने कृष्ण को पार्थसारथी क्यों याद किया?

भीष्म ने कृष्ण को पार्थसारथी इसलिए याद किया क्योंकि कृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर रथ चलाया, गीता सुनाई और भक्तवत्सल रूप दिखाया।

पार्थसारथीकृष्णअर्जुन
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने रथ का पहिया क्यों उठाया?

कृष्ण ने रथ का पहिया भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य करने और अपनी भक्तवत्सलता प्रकट करने के लिए उठाया।

कृष्ण रथ का पहियाभीष्मअर्जुन
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने भीष्म के लिए प्रतिज्ञा क्यों तोड़ी?

कृष्ण ने भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य और ऊँचा करने के लिए अपनी शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा तोड़ी।

कृष्ण प्रतिज्ञाभीष्ममहाभारत युद्ध
श्रीमद्भागवत

भीष्म को कृष्ण का कौन सा रूप दिखा?

भीष्म को प्रसन्न मुख, अरुण नेत्र, पीतांबर और चतुर्भुज रूप में कृष्ण दिखे; स्तुति में उन्होंने पार्थसारथी युद्ध रूप भी याद किया।

भीष्मकृष्ण रूपचतुर्भुज
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने मृत्यु के समय किसका ध्यान किया?

भीष्म पितामह ने मृत्यु के समय श्रीकृष्ण का ध्यान किया और मन, वाणी तथा दृष्टि को उन्हीं में लगा दिया।

भीष्म ध्यानकृष्णप्राण त्याग
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति हिंदी अर्थ क्या है?

भीष्म स्तुति का भाव है कि मृत्यु के समय बुद्धि, मन और प्रेम श्रीकृष्ण में स्थिर हों, क्योंकि वही परमात्मा और अंतिम आश्रय हैं।

भीष्म स्तुति अर्थकृष्णपार्थसारथी
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति क्या है?

भीष्म स्तुति मृत्यु के समय श्रीकृष्ण को समर्पित प्रार्थना है, जिसमें भीष्म ने कृष्ण के सौंदर्य, युद्ध रूप और परमात्मा स्वरूप का ध्यान किया।

भीष्म स्तुतिकृष्णमहाभारत
श्रीमद्भागवत

भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन क्यों मिले?

भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन इसलिए मिले क्योंकि कृष्ण अपने अनन्य प्रेमी भक्तों पर कृपा करते हैं।

भीष्मकृष्ण दर्शनभक्ति
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह और कृष्ण की कथा क्या है?

भीष्म ने कृष्ण को साक्षात भगवान नारायण माना, युद्ध में उनका पार्थसारथी रूप याद किया और मृत्यु के समय उन्हीं में मन लगाया।

भीष्म और कृष्णकृष्णपार्थसारथी
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने उत्तरायण में प्राण क्यों छोड़े?

उत्तरायण वह समय बताया गया है जिसे भगवत्परायण योगी चाहते हैं; उसी समय भीष्म ने मन कृष्ण में लगाकर प्राण त्यागे।

भीष्म उत्तरायणप्राण त्यागयोगी
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह की मृत्यु कैसे हुई?

भीष्म पितामह ने उत्तरायण में वाणी रोककर मन कृष्ण में लगाया, कृष्ण की स्तुति की और उनके प्राण कृष्ण में लीन हो गए।

भीष्म मृत्युउत्तरायणकृष्ण ध्यान
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह शरशय्या कथा क्या है?

भीष्म पितामह शरशय्या पर पड़े थे; पांडव, कृष्ण और ऋषि उनके पास गए, उन्होंने धर्म बताया और कृष्ण का ध्यान करते हुए प्राण त्यागे।

भीष्म शरशय्याकुरुक्षेत्रयुधिष्ठिर
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह कौन थे?

भीष्म पितामह भरतवंशियों के गौरव, पांडवों के पितामह, धर्मज्ञ महापुरुष और श्रीकृष्ण के भक्त थे।

भीष्म पितामहशरशय्यापांडव
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र का रोज जप क्यों करें?

सभी पापों से मुक्ति के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अघोर मंत्र का नित्य जप करने के लिए कहा गया है।

अघोर मंत्रनित्य जपद्विज
पाप मुक्ति

जन्म-जन्मांतर के पाप कैसे मिटते हैं?

अघोर मंत्र से अभिमंत्रित पंचगव्य, हवन, शिवस्नान, उपवास, पंचगव्य पान और गायत्री जप की विधि से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति कही गई है।

जन्म जन्मांतर पापअघोर मंत्रपंचगव्य
प्रायश्चित विधि

उपवास के बाद क्या करना चाहिए?

दिन-रात उपवास के बाद सुबह स्नान कर ब्रह्मकूर्च-विधि से बने पंचगव्य का पान, आचमन और शिव के आगे गायत्री जप करना चाहिए।

उपवासपंचगव्य पानआचमन

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।