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विधि प्रश्नोत्तरी — 236 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विधि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 236 प्रश्न

पाशुपत अस्त्र साधना

तर्पण और मार्जन की संख्या कितनी होनी चाहिए?

अनुष्ठान में 6,000 तर्पण और 600 मार्जन की क्रियाएं करने का विधान है।

तर्पणमार्जनविधि
पाशुपत अस्त्र साधना

साधना में 'न्यास विधि' का क्या अर्थ है?

शरीर के अंगों में मंत्र शक्ति स्थापित कर उसे दैवीय कवच देने की विधि न्यास है।

न्यासविधिकवच
पाशुपत अस्त्र साधना

अग्नि पुराण के अनुसार पाशुपतास्त्र स्तोत्र की पाठ विधि क्या है?

विघ्न निवारण के लिए इस स्तोत्र का 21 दिनों तक सुबह-शाम 21 बार पाठ करने का विधान है।

अग्नि पुराणस्तोत्रविधि
पूजा विधि

प्रदोष व्रत का संकल्प कैसे लें?

हाथ में जल लेकर 'ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः...' मंत्र पढ़ते हुए अपना नाम, गोत्र और दिन बोलकर शिव-पार्वती और नंदी की पूजा करने का संकल्प (प्रतिज्ञा) लेना चाहिए।

संकल्प मंत्रप्रदोष पूजाविधि
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'जसि रघुबीर ब्याह बिधि बरनी। सकल कुअँर ब्याहे तेहिं करनी' — इसका अर्थ?

अर्थ — रामजी के विवाह की जो विधि बताई, उसी रीति से सब राजकुमार (भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न) भी विवाहे गये। चारों विवाह एक ही वेदविधि, एक मण्डप, एक अवसर पर। दहेज से मण्डप सोने-मणियों से भरा।

बालकाण्डचौपाई अर्थचारों विवाह
जीवन एवं मृत्यु

सपिंडीकरण की प्रक्रिया कैसे होती है?

सपिंडीकरण — एक वर्ष बाद। एक प्रेत-पिंड को तीन पितृ-पिंडों में मिलाना (पिंड-मेलन)। ब्राह्मण-भोजन, 12 घट, शुद्धि और शय्यादान। इसके बाद प्रेत 'पितर' बन जाता है — प्रेतत्व समाप्त।

सपिंडीकरणप्रक्रियाविधि
जीवन एवं मृत्यु

दशगात्र में किए गए कर्मों का क्रम क्या है?

दशगात्र क्रम — प्रतिदिन स्नान-संकल्प, घट-दीप-माला, पिंडदान (नाम-गोत्र सहित), चंदन-फूल, धूप-दीप-नैवेद्य-जलांजलि। ब्राह्मण को मिष्टान्न भोजन। अंत में विष्णु-प्रार्थना। दसवें दिन मुंडन।

दशगात्रकर्म क्रमविधि
जीवन एवं मृत्यु

श्राद्ध में क्या-क्या किया जाता है?

श्राद्ध में — तर्पण (जल-दूध-तिल से), पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, पाँच अंश (गाय-कुत्ते-कौए-देवता-चींटी को), दान-दक्षिणा, मंत्रोच्चार और संकल्प — ये सब किए जाते हैं। श्रद्धा और प्रसन्न मन अनिवार्य है।

श्राद्धविधितर्पण
पूजा विधि एवं नियम

पूजा में पंचामृत क्या होता है और कैसे बनाएं?

पंचामृत — दूध, दही, घी, शहद और मिश्री — इन पाँचों को मिलाकर बनाया जाता है। अंत में तुलसी डालें। यह देव-अभिषेक के लिए प्रयोग होता है और बाद में प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है।

पंचामृतअभिषेकपूजा सामग्री
जप नियम

बिना माला के मंत्र जप की संख्या कैसे गिन सकते हैं

बिना माला के उंगलियों के पोरों पर की जाने वाली गणना (कर माला) सबसे प्रामाणिक और शास्त्रोक्त विधि है।

कर मालागणनानियम
पूजा एवं अनुष्ठान

पंचामृत बनाने का सही अनुपात

शास्त्रीय अनुपात — घी 1 : शहद 2 : मिश्री 4 : दही 8 : दूध 16। सरल विधि — 250 मिली दूध, 2 चम्मच दही, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच घी, 2 चम्मच मिश्री और 2-3 तुलसी पत्ते। क्रम से मिलाएं।

पंचामृतअभिषेकपूजा सामग्री
देवता पूजा

नरसिंह भगवान पूजा कैसे करें

विष्णु चौथा अवतार, प्रह्लाद रक्षक। नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल 14)। सायंकाल पूजा। नरसिंह मंत्र और कवच (भागवत) अत्यंत शक्तिशाली। भय, शत्रु, तंत्र से सर्वोत्तम रक्षा।

नरसिंहपूजाविधि
देवता पूजा

दत्तात्रेय पूजा कैसे करें

ब्रह्मा-विष्णु-महेश संयुक्त अवतार। अत्रि-अनसूया पुत्र। गुरुवार/दत्त जयंती। 'ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः' 108 बार। गुरुचरित्र पाठ। 24 गुरु बनाए। गुरु प्राप्ति और ज्ञान हेतु। औदुंबर वृक्ष विशेष।

दत्तात्रेयपूजाविधि
देवता पूजा

कुबेर देव पूजा धन प्राप्ति

धन के देवता और यक्ष राजा। दीपावली पर लक्ष्मी के साथ पूजा। उत्तर दिशा में यंत्र, पीले फूल, कुबेर मंत्र 108 बार। तिजोरी में यंत्र रखें। धन सदुपयोग और दान की प्रेरणा भी।

कुबेरधनपूजा
देवता पूजा

साईं बाबा पूजा हिंदू विधि से

गुरुवार विशेष। दीपक, पीले फूल, खीर/शीरा। साईं चालीसा, आरती, 'ॐ साईं नाथाय नमः' 108। साईं सत्चरित्र 7 दिन पाठ। उदी (भस्म) प्रसाद। अन्नदान बाबा सबसे प्रिय सेवा। 'श्रद्धा और सबूरी।'

साईं बाबापूजाहिंदू
देवता पूजा

विश्वकर्मा पूजा कैसे करें विधि

देवताओं के वास्तुकार। 17 सितंबर। कारखानों में मशीन-औजार पूजा। 'ॐ विश्वकर्मणे नमः'। फूल, फल, मिठाई, हवन। पतंग परंपरा। मशीन सफाई+पूजा — कृतज्ञता प्रतीक।

विश्वकर्मापूजाविधि
देवता पूजा

नवग्रह देवताओं पूजा एक साथ कैसे

नौ सुपारी या यंत्र, प्रत्येक ग्रह रंग फूल, 9 बीज मंत्र 11/108 बार। नवग्रह स्तोत्र। सरलतम — महामृत्युंजय या गायत्री सभी ग्रह शांत करता। विशेष — पंडित से नवग्रह हवन।

नवग्रहपूजाएक साथ
देवता पूजा

शनि देव पूजा विधि विस्तार

शनिवार; सरसों तेल दीपक, काले तिल, उड़द, नीले फूल। 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108 बार। शनि चालीसा। दान: तेल, तिल, काले वस्त्र। पीपल दीपक+7 परिक्रमा। सदाचार और गरीब सेवा सबसे प्रभावी।

शनिपूजाविधि
गृहस्थ धर्म

परिवार हवन कैसे करें

कुंड+आम लकड़ी+घी+सामग्री। गणेश→अग्नि→'स्वाहा' आहुति→गायत्री 108→पूर्णाहुति। परिवार सब बारी-बारी। रविवार/पूर्णिमा। शुद्धि+एकता+संस्कार।

परिवारहवनविधि
महिला एवं धर्म

महिला तिलक कैसे लगाएं माथे पर

आज्ञा चक्र (भौंहों बीच), अनामिका से। कुमकुम (सुहागन), हल्दी (शुभ), चंदन (शांति)। गोल बिंदु। आज्ञा चक्र=तीसरा नेत्र सक्रिय+रक्षा।

तिलकमहिलामाथा
महिला एवं धर्म

वट सावित्री व्रत विधि कथा

ज्येष्ठ; महाभारत कथा: सावित्री ने यमराज से पति प्राण वापस। वट पूजा+7 परिक्रमा+कलावा+कथा। वट=शाश्वत=पति दीर्घायु। बुद्धि+साहस+पतिव्रत।

वट सावित्रीव्रतविधि
महिला एवं धर्म

महालक्ष्मी व्रत कैसे रखें

भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से 16 दिन। एक भोजन/फलाहार। 16 गांठ डोरी+लक्ष्मी पूजा+कथा। उद्यापन 16वें दिन। धन, सौभाग्य, ऋण मुक्ति। महाराष्ट्र विशेष।

महालक्ष्मीव्रतविधि
तीर्थ यात्रा

गया फल्गु नदी पिंडदान कैसे करें

पिंडदान सर्वोत्तम स्थान। गयावाल पंडा से कराएं (3-7 दिन)। विष्णुपद+फल्गु+अक्षयवट। सीता शाप: फल्गु भूमिगत। ₹2,000-15,000+। पितृपक्ष सबसे शुभ।

गयाफल्गुपिंडदान
तीर्थ यात्रा

रामेश्वरम 22 कुंडों में स्नान कैसे करें

अग्नि तीर्थम (समुद्र) → 22 कुंड (महालक्ष्मी→...→कोडी)। ₹25 टिकट; कर्मचारी बाल्टी से डालते। गाइड ₹100-200। 40-120 min। पारंपरिक वस्त्र, केसरिया वर्जित। सुबह जाएं। राम ने 22 बाणों से बनाए।

रामेश्वरम22 कुंडस्नान

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।