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पांडव प्रश्नोत्तरी — 20 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पांडव विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 20 प्रश्न

दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा ने नारायणास्त्र क्यों चलाया?

पिता द्रोणाचार्य की छलपूर्ण मृत्यु से क्रोधित अश्वत्थामा ने प्रतिशोध में पांडव सेना का समूल नाश करने के लिए नारायणास्त्र चलाया।

अश्वत्थामानारायणास्त्रद्रोण वध
शिव धाम महिमा

चार धामों में केदारनाथ का विशेष महत्व शिव पुराण में क्या है

केदारनाथ शिव का पाँचवाँ ज्योतिर्लिंग है। पांडवों ने गोत्र-हत्या से मुक्ति के लिए शिव खोजे — शिव भैंसे रूप में अंतर्धान हुए और उनका 'केदार' (पीठ-भाग) यहाँ स्थापित हुआ। शिव पुराण में यह पापनाशक और मोक्षदायी तीर्थ बताया गया है।

केदारनाथज्योतिर्लिंगपांडव
शिव मंदिर

केदारनाथ में शिव की पूजा अन्य ज्योतिर्लिंगों से कैसे भिन्न है?

त्रिकोणाकार शिवलिंग (बैल की पीठ — अन्य सभी में गोलाकार)। पंचकेदार कथा: भीम ने बैल-शिव की पीठ पकड़ी, 5 अंग 5 स्थानों पर। सर्वाधिक ऊंचा ज्योतिर्लिंग (11,755 ft)। 6 माह बंद (शीतकाल)। गर्भगृह में अंधकार — दीपक से दर्शन, घी अर्पित कर आलिंगन। शंकराचार्य समाधि।

केदारनाथज्योतिर्लिंगपंचकेदार
ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?

पहली कथा — नर-नारायण ऋषि की तपस्या से शिव केदार श्रृंग पर ज्योतिर्लिंग रूप में विराजे। दूसरी कथा — पांडव भ्रातृहत्या पाप से मुक्ति के लिए आए, शिव भैंसा बने, भीम ने पीठ पकड़ी, वही त्रिकोणाकार भाग केदारनाथ में पूजित हुआ।

केदारनाथपांडवभ्रातृहत्या
महाभारत

महाभारत युद्ध के बाद क्या हुआ पांडवों का?

युद्ध के बाद युधिष्ठिर ने कुछ वर्ष राज किया, फिर परीक्षित को राज्य सौंपकर पाँचों पांडव और द्रौपदी महाप्रस्थान पर निकले। यात्रा में एक-एक करके सभी गिरते गए। केवल युधिष्ठिर स्वर्गद्वार तक पहुँचे और सशरीर स्वर्ग में प्रवेश किया।

पांडवमहाप्रस्थानस्वर्गारोहण
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार किसने किया?

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार युधिष्ठिर ने कराया और कुछ समय तक वे शोक में डूबे रहे।

भीष्म अंतिम संस्कारयुधिष्ठिरपांडव
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह कौन थे?

भीष्म पितामह भरतवंशियों के गौरव, पांडवों के पितामह, धर्मज्ञ महापुरुष और श्रीकृष्ण के भक्त थे।

भीष्म पितामहशरशय्यापांडव
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने पांडवों को किन विपत्तियों से बचाया?

कुंती ने कहा कि कृष्ण ने पांडवों को विष, लाक्षागृह की आग, राक्षसों, द्यूतसभा, वनवास, युद्धों और अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से बचाया।

कृष्णपांडवकुंती
श्रीमद्भागवत

कृष्ण द्वारका क्यों लौटना चाहते थे?

राज्य-संबंधी कार्य पूरे होने के बाद कृष्ण ने द्वारका जाने का विचार किया; उनके भीतर का अलग कारण विस्तार से नहीं बताया गया।

कृष्णद्वारकापांडव
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने युद्ध के बाद पांडवों को कैसे संभाला?

कृष्ण ने शोकाकुल लोगों को काल की गति समझाकर सांत्वना दी, युधिष्ठिर को राज्य दिलाया और उनके यश के लिए तीन अश्वमेध यज्ञ कराए।

कृष्णपांडवयुद्ध के बाद
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने गंगा में तर्पण क्यों किया?

पांडवों ने युद्ध में मरे हुए अपने स्वजनों को जलांजलि देने और उनका स्मरण करने के लिए गंगा में तर्पण किया।

गंगा तर्पणपांडवमहाभारत
श्रीमद्भागवत

महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने क्या किया?

युद्ध के बाद पांडव कृष्ण के साथ गंगा तट गए, मरे हुए स्वजनों को जलांजलि दी, विलाप किया और गंगाजल में स्नान किया।

महाभारत युद्धपांडवगंगा तर्पण
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?

अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।

पांडवअंतिम संस्कारद्रौपदी पुत्र
लोक

यक्ष ने पांडवों की परीक्षा क्यों ली?

यक्ष ने पांडवों की धर्म-बुद्धि की परीक्षा ली; युधिष्ठिर के सही उत्तरों से संतुष्ट होकर उसने भाइयों को जीवित किया।

यक्ष परीक्षापांडवयुधिष्ठिर
पौराणिक कथा

महाभारत में पांडवों ने अनंत चतुर्दशी का व्रत क्यों किया था?

वनवास की कठिनाइयां दूर करने और अपना खोया हुआ राज्य वापस पाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने 14 साल तक यह व्रत किया था।

पांडवश्रीकृष्णमहाभारत
तीर्थ एवं धार्मिक स्थल

पंच केदार क्या हैं और कहाँ हैं?

पंच केदार उत्तराखंड में भगवान शिव के पाँच मंदिर हैं — केदारनाथ (कूबड़), मदमहेश्वर (नाभि), तुंगनाथ (भुजाएँ), रुद्रनाथ (मुख) और कल्पेश्वर (जटाएँ)। महाभारत के बाद पांडवों ने इन्हें उन स्थानों पर बनाया जहाँ बैल रूपी शिव के विभिन्न अंग प्रकट हुए थे।

पंच केदारशिव मंदिरउत्तराखंड
महाभारत

युद्ध से पहले दोनों पक्षों में कितने योद्धा थे?

महाभारत में कौरव पक्ष के पास 11 अक्षौहिणी और पांडव पक्ष के पास 7 अक्षौहिणी सेना थी। कुल 18 अक्षौहिणी — जो लाखों योद्धाओं के बराबर थी। 18 दिन के युद्ध के बाद दोनों पक्षों से मिलाकर केवल 18 के आसपास योद्धा जीवित बचे।

कुरुक्षेत्रसेनाकौरव
महाभारत

पांडवों का अज्ञातवास कहाँ बीता?

पांडवों ने अपना एक वर्ष का अज्ञातवास राजस्थान स्थित मत्स्य देश की राजधानी विराट नगर (आधुनिक बैराठ) में राजा विराट के यहाँ भिन्न-भिन्न छद्मवेश धारण करके बिताया।

पांडवअज्ञातवासविराट नगर
महाभारत परिचय

महाभारत की कहानी क्या है?

महाभारत वेदव्यास रचित 1,00,000 श्लोक, 18 पर्वों का विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है। पांडव और कौरव के बीच हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए संघर्ष — द्यूत, वनवास, 18 दिन का कुरुक्षेत्र युद्ध। श्री कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का ज्ञान इसी युद्ध में दिया।

महाभारतकुरुक्षेत्रपांडव
अस्त्र शस्त्र

नारायणास्त्र से कैसे बचते हैं?

नारायणास्त्र से बचने के लिए सभी शस्त्र त्यागकर, मन से युद्ध-विचार छोड़कर, हाथ जोड़कर आत्मसमर्पण करें। यह अस्त्र केवल प्रतिरोध करने वाले पर वार करता है।

नारायणास्त्र से बचावआत्मसमर्पणनिहत्था

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।