विस्तृत उत्तर
कपूर (Camphor) = अहंकार विसर्जन का प्रतीक।
आध्यात्मिक अर्थ
- 1कपूर जलता है, कोई अवशेष नहीं = जैसे भक्ति में अहंकार पूर्णतः नष्ट हो जाना चाहिए।
- 2सुगंध फैलाकर समाप्त = जीवन दूसरों के लिए जिएँ, सुगंध (अच्छे कर्म) छोड़कर जाएँ।
- 3प्रकाश = अज्ञान अंधकार दूर, ज्ञान प्रकाश।
- 4शुद्धि = कपूर = एंटीबैक्टीरियल → वायु शुद्ध (वैज्ञानिक)।
- 5पंचतत्व: कपूर = अग्नि+वायु+आकाश तत्व — तीन तत्वों की एक साथ शुद्धि।
विशेष: आरती में शुद्ध कपूर (भीमसेनी) = सर्वोत्तम। सिंथेटिक कपूर = हानिकारक धुआँ।





