विस्तृत उत्तर
भार्गवास्त्र और ब्रह्मास्त्र दोनों की शक्ति और प्रकृति अलग है — इसलिए सीधी तुलना कठिन है।
भार्गवास्त्र की प्रकृति — यह एक सेना-नाशक अस्त्र है जो एक साथ अनेक विध्वंसक अस्त्रों की वर्षा करता है। इससे कर्ण ने एक पूरी अक्षौहिणी (विशाल सैन्य-दल) नष्ट कर दी थी। कुछ संदर्भों में इसे इंद्रास्त्र से अधिक शक्तिशाली बताया गया है।
ब्रह्मास्त्र की प्रकृति — यह एक लक्ष्य-विशिष्ट और सर्वनाशी अस्त्र है जो निर्धारित लक्ष्य को अवश्य नष्ट करता है और 12 वर्ष दुर्भिक्ष लाता है।
तुलनात्मक दृष्टि — भार्गवास्त्र सैन्य-संहार में अधिक प्रभावशाली है। ब्रह्मास्त्र अमोघ और लक्ष्य-विशिष्ट है। दोनों की काट अलग-अलग है। ब्रह्मास्त्र को ब्रह्मास्त्र से ही रोका जा सकता है; भार्गवास्त्र को केवल चलाने वाला ही रोक सकता था।
समग्र दृष्टिकोण — पाशुपतास्त्र दोनों से श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि वह अकाट्य है।





