विस्तृत उत्तर
भार्गवास्त्र की उत्पत्ति भगवान परशुराम की अस्त्र-विद्या और उनकी दिव्य-शक्ति से जुड़ी है।
परशुराम और अस्त्र-विद्या — परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। वे स्वयं भगवान शिव के शिष्य थे और शिव से उन्हें दिव्य अस्त्र-विद्या, ब्रह्मास्त्र और अनेक दिव्यास्त्रों का ज्ञान मिला। परशुराम ने विधिपूर्वक अस्त्रों की साधना की और उनके नाम पर ही 'भार्गवास्त्र' प्रसिद्ध हुआ।
भार्गवास्त्र = परशुराम का अस्त्र — 'भार्गव' परशुराम का वंश-नाम है। उनसे सीखे और उनके माध्यम से जाने जाने वाले विशिष्ट अस्त्र को 'भार्गवास्त्र' कहा गया। यह उनकी व्यक्तिगत अस्त्र-सिद्धि का परिणाम था।
शिष्यों को दीक्षा — परशुराम केवल ब्राह्मण शिष्यों को दिव्य अस्त्र-विद्या देते थे। कर्ण ने ब्राह्मण बनकर उनसे यह विद्या प्राप्त की थी।




