विस्तृत उत्तर
देवी को लाल पुष्प, विशेषकर लाल गुड़हल (Hibiscus/Japa Kusum) और कमल अत्यंत प्रिय हैं। 108 पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी है। नैवेद्य (भोग) के लिए दुर्गाष्टमी पर 'हलवा, पूरी और काले चने' का भोग लगाना सबसे शास्त्रीय माना गया है। इसके अतिरिक्त खीर, बताशे और ऋतु फल (केला, नारियल) भी अर्पित किए जा सकते हैं। शास्त्रों में स्पष्ट चेतावनी है कि दुर्गा पूजा के भोग में 'तुलसी दल' का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि वह वैष्णव पूजा के लिए विहित है।





