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विस्तृत उत्तर
ज्योतिषीय विष दोष शनि और चंद्रमा के संयोजन से उत्पन्न होता है।
यह दोष मानसिक अशांति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनता है।
नीलकंठ की आराधना में विषदोष न केवल भौतिक विष (जैसे सर्पविष) के रूप में होते हैं, बल्कि यह ज्योतिषीय योग (शनि-चंद्रमा का संयोजन) या जीवन में व्याप्त तीव्र मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी के रूप में भी प्रकट हो सकते हैं।
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