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दैनिक आचार📜 अन्नपूर्णा स्तोत्र (शंकराचार्य), लोक परंपरा1 मिनट पठन

खाना बनाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए

संक्षिप्त उत्तर

'अन्नपूर्णे सदापूर्णे...' या 'ॐ अन्नपूर्णायै नमः'। शांत मन, स्वच्छ, सकारात्मक भाव से बनाएं। क्रोध/नकारात्मकता में न बनाएं — भोजन भाव ग्रहण करता है।

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विस्तृत उत्तर

रसोई में भोजन बनाते समय ईश्वर स्मरण से भोजन सात्विक और पवित्र बनता है।

मंत्र

  1. 1अन्नपूर्णा स्तोत्र: 'अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकरप्राणवल्लभे। ज्ञानवैराग्यसिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति।।'

— हे अन्नपूर्णा (पार्वती), सदा पूर्ण, शंकर प्रिये — ज्ञान और वैराग्य प्रदान करो।

  1. 1सरल: 'ॐ अन्नपूर्णायै नमः'
  1. 1गायत्री मंत्र या कोई भी इष्ट मंत्र।

व्यावहारिक सुझाव

  • शांत मन से, स्वच्छ होकर, सकारात्मक विचारों से भोजन बनाएं।
  • क्रोध, दुःख, नकारात्मकता में भोजन बनाना अनुचित — भोजन भाव ग्रहण करता है (ऐसी आध्यात्मिक मान्यता है)।
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शास्त्रीय स्रोत
अन्नपूर्णा स्तोत्र (शंकराचार्य), लोक परंपरा
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