ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
जीवन एवं मृत्यु⏱ 2 मिनट पठन

नरक में जीव के शरीर की स्थिति कैसी होती है?

नरक में जीव 'यातना-शरीर' में होता है जो पिंडदान से बनता है।

संक्षिप्त उत्तर

नरक में जीव 'यातना-शरीर' में होता है जो पिंडदान से बनता है। यह शरीर जंजीरों में बँधा, पिटा हुआ, जला हुआ, काटा हुआ और रक्त वमन करता हुआ होता है। यह मरता नहीं — बार-बार पुनः उत्पन्न होता है।

📖

विस्तृत उत्तर

गरुड़ पुराण में नरक में जीव के शरीर की स्थिति का वर्णन अत्यंत करुणाजनक है।

यातना-शरीर (प्रेत-शरीर) — मृत्यु के बाद स्थूल शरीर जल जाता है। नरक में जीव एक 'यातना-देह' में रहता है जो पिंडदान से निर्मित होती है और जिसमें कष्ट भोगने की पूरी क्षमता होती है। यही शरीर नरक की यातना का माध्यम है।

गरुड़ पुराण में वर्णित है — 'रक्त वमन करते हैं तथा वमन किये रक्त को पीते हैं।' यह शरीर की दारुण दशा का चित्रण है।

नरक में शरीर की स्थिति — गले में जंजीरें, हाथ-पैरों में बंधन, पीठ पर लोहे का भार, शरीर पर लाठियों और गदाओं की चोट के निशान, जलने, उबलने और काटे जाने से क्षत-विक्षत। यह शरीर बेहोश होता है पर मरता नहीं।

एक विशेष बात — यह यातना-शरीर बार-बार उत्पन्न होता है। जब पिटाई से नष्ट हो जाता है, तब पुनः उत्पन्न करके यातना दी जाती है (संजीवन नरक)।

शरीर की यह दशा उस व्यक्ति के जीवन के कर्मों का प्रतिबिंब है जिसने दूसरों के शरीर को कष्ट दिया।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

नरकशरीरयातना शरीरगरुड़ पुराण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

नरक में जीव के शरीर की स्थिति कैसी होती है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको जीवन एवं मृत्यु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#नरक#शरीर#यातना शरीर#गरुड़ पुराण