विस्तृत उत्तर
प्रतापभानु का मन्त्री धर्मरुचि था जो अत्यन्त बुद्धिमान् और शुक्राचार्यके समान सयाना था।
चौपाई — 'नृप हितकारक सचिव सयाना। नाम धरमरुचि सुक्र समाना। सचिव सयान बंधु बलबीरा। आपु प्रतापुंज रनधीरा॥'
इसका अर्थ — राजाका हित करनेवाला और शुक्राचार्यके समान बुद्धिमान् धर्मरुचि नामक उसका मन्त्री था। इस प्रकार बुद्धिमान् मन्त्री और बलवान् तथा वीर भाईके साथ ही स्वयं राजा भी बड़ा प्रतापी और रणधीर था।
धर्मरुचि प्रतापभानु के अगले जन्म (रावण जन्म) में भी उनके साथ रहा — कुछ विद्वानों के अनुसार धर्मरुचि ही अगले जन्म में कुम्भकर्ण या अन्य राक्षस बना।
