ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
जीवन एवं मृत्यु⏱ 2 मिनट पठन

प्रेतकल्प में दान का वर्णन क्यों किया गया है?

गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में दान का वर्णन एक सोचे-समझे शास्त्रीय प्रयोजन से है।

संक्षिप्त उत्तर

प्रेतकल्प में दान का वर्णन — प्रेत-मुक्ति का साधन बताने के लिए, जीवन में दान की प्रेरणा के लिए, परिजनों का कर्तव्य-बोध कराने के लिए और यमलोक में दान की वास्तविकता सिद्ध करने के लिए।

📖

विस्तृत उत्तर

गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में दान का वर्णन एक सोचे-समझे शास्त्रीय प्रयोजन से है।

प्रेत-मुक्ति का साधन — प्रेतकल्प का मूल विषय प्रेत-मुक्ति है। और दान ही प्रेत-मुक्ति का सर्वोत्तम साधन है। गरुड़ पुराण में — 'दान-दक्षिणा, पिंडदान तथा श्राद्ध कर्म — ये प्रेत योनि और नरक से बचाने के प्रमुख उपाय हैं।'

जीवनकाल में दान — यमदूत नरक में पापियों से जो प्रश्न पूछते हैं — 'अन्न और जल का दान क्यों नहीं दिया?' — यह वर्णन इसीलिए है कि जीवित रहते दान करें।

परिजनों के कर्तव्य को बताना — मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा किया गया दान (पिंडदान, शय्यादान, गोदान) प्रेत को शरीर, शक्ति और मुक्ति देता है। यह दायित्व-बोध कराना प्रेतकल्प का उद्देश्य है।

यमलोक की वास्तविकता — गरुड़ पुराण में — 'पृथ्वी पर मनुष्यों के द्वारा जो-जो दान दिये जाते हैं, यमलोक के मार्ग में वे सभी आगे-आगे उपस्थित हो जाते हैं।' यह वर्णन दान की वास्तविकता सिद्ध करने के लिए है।

आत्मज्ञान की ओर — अंततः दान का वर्णन इसलिए है कि मनुष्य भोग-विलास से हटकर त्याग और सेवा की ओर जाए।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

प्रेतकल्पदानकारणगरुड़ पुराण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

प्रेतकल्प में दान का वर्णन क्यों किया गया है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको जीवन एवं मृत्यु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#प्रेतकल्प#दान#कारण#गरुड़ पुराण