विस्तृत उत्तर
शूकरमुख नरक गरुड़ पुराण में वर्णित 36 प्रमुख नरकों में से एक है।
नाम का अर्थ — 'शूकर' = सूअर और 'मुख' = मुँह। अर्थात् 'सूअर के मुख वाला नरक' — जहाँ सूअरों जैसे मुख वाले यमदूत या वास्तविक सूअर पापियों को नोचते हैं।
गरुड़ पुराण में वर्णन — 'सूकरमुख नरक — स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।' यह इस नरक की प्रमुख यातना है।
स्वरूप — इस नरक में असंख्य सूअर हैं जो पापी आत्माओं पर निरंतर आक्रमण करते हैं। उनके दाँत तीखे और शरीर विशाल है।
महिलाओं के शोषक — इस नरक में स्त्रियों का अपमान, शोषण और अत्याचार करने वालों को भेजा जाता है।
नाम की भयावहता — 'सूकरमुख' नाम ही इस नरक की विशेषता बताता है — जिस प्रकार सूअर मिट्टी में मुँह मारता है, उसी प्रकार यहाँ पापी अपमानित होता है।





