विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में शूकरमुख नरक के पात्रों का स्पष्ट वर्णन है।
स्त्री का अपमान करने वाले — 'सूकरमुख नरक — स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।' यह इस नरक का प्रमुख कारण है।
महिलाओं का शोषण — 'जो लोग महिलाओं का शोषण करते या कराते हैं वो अगले जन्म में भयानक रोगों से पीड़ित होते हैं।' शूकरमुख में भी ऐसे लोग आते हैं।
गरुड़ पुराण में व्यापक अर्थ — स्त्री के अधिकारों को दबाने वाले, उसके सम्मान को नष्ट करने वाले, उसकी संचित धन-संपत्ति छीनने वाले — ये सभी इस श्रेणी में आते हैं।
गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — 'स्त्रीद्रव्यहारी, बालद्रव्यहारी' — स्त्री और बच्चों का धन छीनने वाले भी इस दंड के पात्र हैं।
स्त्री को दोष लगाने वाली स्त्री — 'जो स्त्री अपने पति को दोष लगाकर परपुरुष में आसक्त होने वाली है — ये पापी भी शाल्मली वृक्ष द्वारा बहुत ताड़ना प्राप्त करते हैं।'





