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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

कलियुग में क्या करें?

कलियुग के लिये कृष्ण-स्मरण, भक्ति और श्रीमद्भागवत पारायण को मुख्य साधन बताया गया है।

कलियुगभक्तिश्रीमद्भागवत
श्रीमद्भागवत

भक्ति ज्ञान और वैराग्य कैसे बढ़ते हैं?

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की समस्या उठती है और समाधान का मार्ग श्रीमद्भागवत, भक्ति और भगवान के आश्रय की ओर जाता है।

भक्तिज्ञानवैराग्य
श्रीमद्भागवत

साधु दर्शन से क्या लाभ होता है?

साधु दर्शन को पाप-नाशक, दुख-शांत करने वाला और मंगलकारी कहा गया है।

साधु दर्शननारद जीभक्ति
श्रीमद्भागवत

कलियुग में ध्यान योग कठिन क्यों हो गया?

नारदजी बताते हैं कि मन पर नियंत्रण न होना, लोभ, दंभ, पाखंड और शास्त्र-अभ्यास की कमी ध्यानयोग का फल घटाते हैं।

ध्यान योगकलियुगमन
श्रीमद्भागवत

कलियुग में तपस्या का सार क्यों घट गया?

कहा गया है कि काम, क्रोध, लोभ और तृष्णा से चित्त व्याकुल होने पर तप का सार घट जाता है।

कलियुगतपस्यालोभ
श्रीमद्भागवत

कलियुग में तीर्थों का प्रभाव क्यों घटता है?

नारदजी के अनुसार तीर्थों में अधर्म और नास्तिक वृत्ति बढ़ने से उनका सार घट गया।

कलियुगतीर्थधर्म
श्रीमद्भागवत

कलियुग में मन की शांति कैसे मिले?

मन की शांति के लिये श्रीमद्भागवत श्रवण, भक्ति और केशव-कीर्तन का मार्ग दिखाया गया है।

मन की शांतिकलियुगश्रीमद्भागवत
श्रीमद्भागवत

कलियुग में पाप और पाखंड क्यों बढ़ता है?

स्रोत के अनुसार लोभ, असत्य, सदाचार का अभाव, शास्त्र-अभ्यास की कमी और दिखावे से पाप-पाखंड बढ़ता है।

कलियुगपापपाखंड
श्रीमद्भागवत

कलियुग के मुख्य दोष क्या हैं?

असत्य, आलस्य, पाखंड, लोभ, सदाचार का अभाव और साधनों का सार घटना कलियुग के दोष बताए गए हैं।

कलियुगदोषअधर्म
श्रीमद्भागवत

कलियुग में धर्म क्यों घट रहा है?

धर्म-क्षय का कारण सत्य, तप, शौच, दया, दान, साधना और सदाचार का घटना बताया गया है।

कलियुगधर्मअधर्म
श्रीमद्भागवत

क्या हरि कीर्तन से तप और योग का फल मिलता है?

हाँ, कहा गया है कि कलियुग में केशव-कीर्तन से वह फल मिलता है जो तप, योग और समाधि से भी दुर्लभ है।

हरि कीर्तनतपयोग
श्रीमद्भागवत

कलियुग में हरि कीर्तन का क्या महत्व है?

नारदजी कहते हैं कि कलियुग में केशव-कीर्तन से वह फल मिलता है जो तप, योग और समाधि से भी दुर्लभ है।

हरि कीर्तनकलियुगकेशव
श्रीमद्भागवत

जन्म-मृत्यु के भय से मुक्ति कैसे मिले?

सूतजी श्रीमद्भागवत को संसार-भय और जन्म-मृत्यु के भय को दूर करने वाला साधन बताते हैं।

जन्म मृत्युमुक्तिश्रीमद्भागवत
श्रीमद्भागवत

क्या श्रीमद्भागवत सुनने से वैकुंठ मिलता है?

श्रीमद्भागवत के पढ़ने-सुनने को शीघ्र वैकुंठफलदायक कहा गया है।

श्रीमद्भागवतवैकुंठभागवत श्रवण
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा को अमृत से श्रेष्ठ क्यों कहा गया है?

कथा में देवताओं का अमृत भी भागवत-कथामृत के सामने कम माना गया, क्योंकि भागवत भक्ति और परम फल देने वाली है।

भागवत कथाअमृतशुकदेव
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह करने से क्या होता है?

सप्ताह-विधि से भागवत सुनने को मुक्ति देने वाला बताया गया है।

भागवत सप्ताहसप्ताह श्रवणमुक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा मन को कैसे शुद्ध करती है?

सूतजी के अनुसार मन की शुद्धि के लिये श्रीमद्भागवत से श्रेष्ठ कोई साधन नहीं है।

मन की शुद्धिभागवत कथाभक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनने के क्या लाभ हैं?

भागवत कथा को पवित्र करने वाली, कृष्ण-प्राप्ति कराने वाली, भक्ति बढ़ाने वाली और वैकुंठफलदायक कहा गया है।

भागवत कथाश्रवणभक्ति
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत सुनने से क्या फल मिलता है?

स्रोत के अनुसार श्रीमद्भागवत सुनना मन को शुद्ध करता है, भय दूर करता है और वैकुंठफल देने वाला है।

श्रीमद्भागवतभागवत श्रवणवैकुंठ
श्रीमद्भागवत

कलियुग में भगवान कृष्ण को कैसे प्रसन्न करें?

श्रीमद्भागवत को भगवान कृष्ण की प्रसन्नता और भक्ति-वृद्धि का साधन कहा गया है।

भगवान कृष्णकलियुगभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

कलियुग में मोक्ष का सबसे आसान उपाय क्या है?

कलियुग के लिये श्रीमद्भागवत का श्रवण और केशव-कीर्तन मोक्षदायक साधन बताए गए हैं।

कलियुगमोक्षहरि कीर्तन

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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