विस्तृत उत्तर
महर्षि दधीचि की अस्थियों की शक्ति के बारे में विभिन्न कथाएँ प्रचलित हैं। एक संस्करण के अनुसार देवताओं ने एक बार अपने अस्त्रों को सुरक्षित रखने के लिए महर्षि दधीचि को सौंपा था। लंबे समय तक जब देवता वापस नहीं आए, तो ऋषि ने उन अस्त्रों की शक्ति को अपनी अस्थियों में समाहित करने के लिए उन्हें घोलकर पी लिया। एक अन्य कथा के अनुसार उनकी अस्थियों की शक्ति उनकी कठोर तपस्या और भगवान शिव से प्राप्त वरदानों का परिणाम थी। कारण जो भी हो, यह स्पष्ट था कि उनकी अस्थियों में अपार तपस्या का तेज समाहित था।
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