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विस्तृत उत्तर
दिव्यास्त्र के रूप में यमदण्ड अचूक और अत्यंत विनाशकारी माना जाता था। इसकी शक्ति ब्रह्मास्त्र के समान थी। यह यमराज के कालदण्ड की शक्ति का एक अंश है जो किसी योग्य योद्धा को वरदान के रूप में दिया जा सकता है। यह एक ऐसा अलौकिक अस्त्र था जिसे मंत्रों द्वारा आह्वान करके साधारण बाणों पर स्थापित किया जाता था और जो युद्ध में किसी भी शत्रु का सामना करने में सक्षम था।
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