विस्तृत उत्तर
कथा: लंका दहन के बाद हनुमान की पूँछ जली — शरीर पर घाव+जलन। माता सीता ने तेल लगाकर शांति दी। तब से तेल = हनुमान प्रिय।
दूसरा कारण: हनुमान = ब्रह्मचारी + पहलवान। पहलवानी परंपरा = तेल मालिश = शक्ति। अखाड़ों में हनुमान मूर्ति + तेल = परंपरा।
तीसरा: सिंदूर + तेल = चोला (आवरण) = हनुमान रक्षा कवच। भक्त तेल+सिंदूर = हनुमान 'चोला चढ़ाना'।
कौन सा तेल: चमेली (Jasmine) तेल = सर्वोत्तम। सरसों तेल = शनि (शनिवार)। मंगलवार = चमेली।
लाभ: शत्रु नाश, भय दूर, शनि शांति, शारीरिक बल।





