विस्तृत उत्तर
वाल्मीकि रामायण के युद्धकाण्ड में मेघनाद द्वारा नागपाश-प्रयोग का विस्तार से वर्णन है।
कारण — रावण-राम युद्ध में एक-एक करके रावण के सभी महान योद्धा मारे जा रहे थे। रावण ने अपने सबसे बड़े पुत्र और सर्वश्रेष्ठ योद्धा मेघनाद को युद्ध में भेजा। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच सुबह से शाम तक भीषण युद्ध हुआ।
नागपाश प्रयोग का क्षण — जब मेघनाद के सभी साधारण अस्त्र विफल हो गए और वह स्वयं को पराजय के निकट पाने लगा, तब उसने अदृश्य होकर (माया युद्ध में) पीछे से नागपाश बाण चलाया। यह बाण ऊपर से साधारण दिखता था इसलिए श्रीराम इसे भाँप नहीं पाए।
परिणाम — नागपाश से निकले विषैले नागों ने श्रीराम और लक्ष्मण दोनों को जकड़ लिया। दोनों तत्काल मूर्छित हो गए और धीरे-धीरे मृत्यु की ओर बढ़ने लगे। पूरी वानर-सेना में हाहाकार मच गया।





