ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
दैनिक आचार📜 गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु1 मिनट पठन

मृत्यु सूतक में क्या नियम पालन करें

संक्षिप्त उत्तर

13 दिन: पूजा/मंदिर/शुभ कार्य वर्जित। मानसिक जप अनुमत। सादा भोजन, मांसाहार/मदिरा/उत्सव बंद। 13वें दिन शुद्धि + तेरहवीं। विस्तार: प्रश्न 465-466।

📖

विस्तृत उत्तर

प्रश्न 465 में सूतक अवधि विस्तार से दी गई। यहां नियमों का संकलन:

वर्जित (13 दिन)

  • मूर्ति पूजा, मंदिर, हवन, यज्ञ।
  • शुभ कार्य (विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन)।
  • नए वस्त्र, नया भोजन (कुछ परंपरा)।
  • पूजा सामग्री/मूर्ति स्पर्श।

अनुमत

  • ईश्वर नाम जप (मानसिक) — सदैव।
  • गीता/रामायण श्रवण।
  • अंत्येष्टि संस्कार (अनिवार्य)।
  • दैनिक कर्म (स्नान, भोजन)।

विशेष नियम

  • सूतक अवधि में परिवार सादा भोजन।
  • मांसाहार, मदिरा, उत्सव वर्जित।
  • बाहर जाना सीमित (कुछ परंपरा)।
  • 13वें दिन: शुद्धि स्नान, ब्राह्मण भोज, दान, तेरहवीं संस्कार।

विस्तार: प्रश्न 465, 466 देखें।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

मृत्यु सूतकनियमअशौचपालन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मृत्यु सूतक में क्या नियम पालन करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको दैनिक आचार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण, धर्मसिंधु पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।