विस्तृत उत्तर
पर्जन्यास्त्र केवल भौतिक क्षति ही नहीं पहुँचाता था बल्कि इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी गहरा होता था। घने काले बादलों का अचानक घिर आना, बिजली की कड़क और मूसलाधार वर्षा युद्धक्षेत्र में एक भयानक और अंधकारमय वातावरण उत्पन्न कर सकती थी। इससे शत्रु सेना का मनोबल टूट सकता था, उनमें भय और अनिश्चितता व्याप्त हो सकती थी, और वे युद्ध करने से विमुख हो सकते थे। इस प्रकार पर्जन्यास्त्र मनोवैज्ञानिक युद्ध का भी एक प्रभावी उपकरण था।
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