विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प का उपयोग सनातन परंपरा में अनेक संदर्भों में होता है।
मृत्यु के बाद 13 दिनों में — सबसे प्रसिद्ध उपयोग। मृत व्यक्ति के घर में मृत्यु के दिन से 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है। इसका उद्देश्य है — मृत आत्मा को ज्ञान मिले और परिजन अपना कर्तव्य समझें।
श्राद्ध और पिंडदान में मार्गदर्शन — प्रेतकल्प ही श्राद्ध, दशगात्र, एकादशाह, षोडश श्राद्ध और सपिंडीकरण की विधि का प्रमाणिक स्रोत है।
जीवन में आत्म-कल्याण — कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में आत्मज्ञान और धर्म-ज्ञान के लिए प्रेतकल्प का अध्ययन कर सकता है।
पाप-प्रायश्चित — कुछ लोग पापों के प्रायश्चित के रूप में गरुड़ पुराण का पाठ-श्रवण करते हैं।
पितृदोष निवारण — पितृदोष और प्रेत-बाधा के निवारण के लिए भी प्रेतकल्प का पाठ उपयोगी माना गया है।



