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लोक प्रश्नोत्तरी — 3617 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित लोक विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3617 प्रश्न

लोक

भुवर्लोक कहाँ स्थित है?

भुवर्लोक पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से लेकर सूर्यमंडल के नीचे तक फैला है। पृथ्वी से सूर्यमंडल की दूरी एक लाख योजन है और इसी के बीच भुवर्लोक है।

भुवर्लोकस्थानभूलोक
लोक

भुवर्लोक क्या है?

भुवर्लोक भूलोक और स्वर्लोक के बीच स्थित दूसरा ऊर्ध्व लोक है जिसे 'अंतरिक्ष' भी कहते हैं। यह पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से सूर्यमंडल के नीचे तक फैला हुआ है।

भुवर्लोकलोकअंतरिक्ष
लोक

हंस अवतार की पूरी कथा

हंस अवतार की पूरी कथा में भगवान विष्णु सनकादिक मुनियों को आत्मज्ञान देते हैं।

हंस अवतार पूरी कथाहंस गीतासनकादिक
लोक

हंस गीता का सार

हंस गीता का सार है कि आत्मा साक्षी है और विवेक से माया-बंधन टूटता है।

हंस गीता सारआत्मज्ञानमोक्ष
लोक

हंस गीता में क्षमा का महत्व

हंस गीता में क्षमा को अहंकार-क्षय और मोक्षमार्ग का प्रमुख गुण बताया गया है।

हंस गीताक्षमामोक्षधर्म
लोक

शांति पर्व हंस गीता

शांति पर्व हंस गीता सत्य, क्षमा और आत्मसंयम का मोक्षधर्म उपदेश है।

शांति पर्वहंस गीताभीष्म
लोक

महाभारत में हंस गीता

महाभारत शांति पर्व में हंस गीता मोक्षधर्म और साधु-गुणों का उपदेश है।

महाभारतशांति पर्वहंस गीता
लोक

हंस और सोहम का संबंध

हंस मंत्र श्वास का नाद है और सोहम उसका अद्वैत अर्थ है: वह मैं हूँ।

हंससोहमअजपा जाप
लोक

हंस मंत्र क्या है

हंस मंत्र श्वास और आत्मबोध से जुड़ा सोहम भाव का योगिक मंत्र है।

हंस मंत्रसोहमश्वास
लोक

सोहम मंत्र क्या है

सोहम मंत्र का अर्थ है वह परमात्मा मैं ही हूँ।

सोहम मंत्रहंस मंत्रयोग
लोक

परमहंस अवस्था क्या है

परमहंस अवस्था आत्मज्ञान और पूर्ण वैराग्य की सर्वोच्च स्थिति है।

परमहंसहंस अवतारआत्मज्ञान
लोक

जीवन्मुक्त कौन होता है

जीवन्मुक्त देह में रहते हुए भी आत्मज्ञान से देह-अभिमान से मुक्त व्यक्ति है।

जीवन्मुक्तहंस गीताआत्मज्ञान
लोक

विवेक की तलवार क्या है

विवेक की तलवार आत्मा और माया में भेद करने वाली ज्ञान-दृष्टि है।

विवेकहंस गीताहृदय ग्रंथि
लोक

हृदय ग्रंथि क्या है

हृदय ग्रंथि अहंकार और ममता की अज्ञान-जनित गाँठ है।

हृदय ग्रंथिअहंकारमाया
लोक

हंस गीता में आत्मा का स्वरूप

हंस गीता में आत्मा को मन, शरीर और अवस्थाओं से अलग साक्षी चेतना कहा गया है।

आत्माहंस गीतासाक्षी
लोक

हंस अवतार में हंस का प्रतीक क्या है

हंस शुद्धता, विवेक और परमहंस आत्मज्ञान का प्रतीक है।

हंस प्रतीकविवेकपरमहंस
लोक

नीर क्षीर विवेक क्या है

नीर-क्षीर विवेक सार और असार में भेद करने की आध्यात्मिक क्षमता है।

नीर क्षीर विवेकहंसविवेक
लोक

जाग्रत स्वप्न सुषुप्ति तुरीय क्या है

जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति अनुभव की अवस्थाएँ हैं; तुरीय उनसे परे आत्मा की साक्षी अवस्था है।

जाग्रतस्वप्नसुषुप्ति
लोक

हंस गीता में तुरीय अवस्था

तुरीय अवस्था जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति से परे आत्मा की साक्षी चेतना है।

तुरीय अवस्थाहंस गीताआत्मा
लोक

हंस गीता में मन और विषय का संबंध

हंस गीता में मन-विषय संबंध को देहाभिमान से उत्पन्न बंधन बताया गया है।

मन और विषयहंस गीतामोक्ष
लोक

हंस अवतार ने आप कौन हैं प्रश्न का क्या उत्तर दिया

भगवान हंस ने कहा कि आत्मा के स्तर पर मैं और तुम का भेद मिथ्या है।

आप कौन हैंहंस गीताअद्वैत
लोक

हंस अवतार ने क्या उपदेश दिया

हंस अवतार ने आत्मा को मन, शरीर और माया से अलग साक्षी बताया।

हंस उपदेशआत्मज्ञानमोक्ष
लोक

ब्रह्मा हंस गीता का उत्तर क्यों नहीं दे सके

ब्रह्मा रजोगुणी सृष्टि-कर्म में आच्छादित थे, इसलिए वे मोक्ष का सूक्ष्म उत्तर न दे सके।

ब्रह्माहंस गीतारजोगुण
लोक

सनकादिक मुनियों ने ब्रह्मा से क्या पूछा

उन्होंने पूछा कि मोक्ष चाहने वाला साधक मन और विषयों का बंधन कैसे तोड़े।

सनकादिक प्रश्नब्रह्मामन विषय

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।