विस्तृत उत्तर
सोहम मंत्र का अर्थ है वह मैं हूँ। योग और वेदांत में यह आत्मा और परमात्मा की एकता का संकेत देता है। श्वास के साथ इसका संबंध भी बताया जाता है: श्वास भीतर जाते समय सो और बाहर आते समय हम का सूक्ष्म नाद माना जाता है। हंस परंपरा में हं और स का संबंध प्राण के आवागमन से है। जब साधक इस श्वास-नाद पर ध्यान करता है, तो उसे समझ आता है कि उसका वास्तविक स्वरूप शरीर या मन नहीं, बल्कि वही शुद्ध चेतना है। सोहम मंत्र अद्वैत भाव और आत्मबोध का अत्यंत प्रसिद्ध सूत्र है।
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