ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

ब्रह्मास्त्र प्रश्नोत्तरी — 37 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित ब्रह्मास्त्र विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 37 प्रश्न

अस्त्र शस्त्र

द्रोणाचार्य ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र क्यों दिया?

द्रोण ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र इसलिए दिया क्योंकि अर्जुन सर्वश्रेष्ठ शिष्य थे और द्रोण का वचन था कि अर्जुन से बड़ा धनुर्धर कोई नहीं होगा। यह अस्त्र उन्हें परशुराम से मिला था।

ब्रह्मास्त्रद्रोणाचार्यअर्जुन
मेघनाद चरित्र

मेघनाद के पास कौन-कौन से दिव्य अस्त्र थे

मेघनाद के पास ब्रह्मास्त्र (ब्रह्मा), नारायणास्त्र (विष्णु), पाशुपतास्त्र (शिव) — त्रिदेव के तीनों महास्त्र थे। साथ ही नागपाश, नागास्त्र, अदृश्य दिव्य रथ और अक्षय तरकश भी था।

मेघनाद अस्त्रब्रह्मास्त्रनारायणास्त्र
दिव्यास्त्र

इंद्रास्त्र का प्रतिकार क्या था?

इंद्रास्त्र का प्रतिकार दो तरीकों से होता था — पहला, दूसरा इंद्रास्त्र चलाकर दोनों को शांत करना, और दूसरा, भार्गवास्त्र या ब्रह्मास्त्र जैसे अधिक शक्तिशाली अस्त्र से रोकना।

इंद्रास्त्रप्रतिकारसमकक्ष अस्त्र
अस्त्र शस्त्र

द्रोणाचार्य के पास कौन-कौन से अस्त्र थे?

द्रोणाचार्य के पास परशुराम से प्राप्त संपूर्ण अस्त्र-शस्त्र ज्ञान था — ब्रह्मास्त्र, ब्रह्मशिरास्त्र, नारायणास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, आंगिरस धनुष सहित सभी प्रमुख दिव्यास्त्र।

द्रोणाचार्यअस्त्रपरशुराम
अस्त्र शस्त्र

राम ने जयंत पर कौन सा अस्त्र चलाया था?

राम ने जयंत पर घास का एक तिनका ब्रह्मास्त्र से अभिमंत्रित करके चलाया। जयंत तीनों लोकों में भागा पर शरण नहीं मिली — अंत में राम की शरण में आया। राम ने क्षमा किया, एक आँख दंड में ली।

जयंतब्रह्मास्त्रतिनका
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मशिरास्त्र ब्रह्मास्त्र से कितना ज्यादा शक्तिशाली है?

ब्रह्मशिरास्त्र ब्रह्मास्त्र से चार गुना अधिक शक्तिशाली है। ब्रह्मास्त्र = ब्रह्मा का 1 मुख, ब्रह्मशिरास्त्र = ब्रह्मा के 4 मुखों की सम्मिलित शक्ति। यदि दो टकराएं तो ब्रह्मांड नाश होने का खतरा।

ब्रह्मशिरास्त्रब्रह्मास्त्रचार गुना
दिव्यास्त्र

परीक्षित की रक्षा सुदर्शन चक्र ने कैसे की?

अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भस्थ शिशु परीक्षित को बचाने के लिए कृष्ण ने गर्भ में सुदर्शन चक्र से उस ब्रह्मास्त्र के तेज को रोका।

सुदर्शन चक्रपरीक्षितउत्तरा
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मास्त्र कैसे चलाया जाता है?

ब्रह्मास्त्र मांत्रिक अस्त्र था — ब्रह्मा का ध्यान करके बाण को विशेष मंत्र से अभिमंत्रित करके छोड़ा जाता था। मन और आत्मा की शक्ति आवश्यक थी, शारीरिक बल नहीं। ज्ञान दुर्लभ था।

ब्रह्मास्त्रमंत्रधनुष
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा के साथ क्या हुआ जब वह ब्रह्मास्त्र नहीं लौटा सका?

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र चलाना जानता था पर वापस लेना नहीं, जिससे अनर्थ हुआ। यह सिद्ध करता है कि अस्त्र का संपूर्ण ज्ञान — चलाना और लौटाना दोनों — आवश्यक था।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रवापस नहीं लौटाया
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया था

अश्वत्थामा ने पिता द्रोणाचार्य के छलपूर्ण वध का प्रतिशोध लेने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। पांडव-वंश के अंतिम शिशु परीक्षित को लक्ष्य किया। श्रीकृष्ण ने परीक्षित को बचाया और अश्वत्थामा को श्राप दिया।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रपिता का बदला
दिव्यास्त्र

ब्रह्मास्त्र क्या होता है

ब्रह्मास्त्र ब्रह्मा की शक्ति से संचालित अमोघ दिव्यास्त्र है। जिस पर चले उसका नाश निश्चित। दो ब्रह्मास्त्रों के टकराने से प्रलय का भय था। जहाँ प्रयुक्त हो वहाँ 12 वर्ष दुर्भिक्ष।

ब्रह्मास्त्रब्रह्मादिव्यास्त्र
दिव्यास्त्र

क्या इंद्रजीत ने कभी वज्र का प्रयोग किया था?

नहीं, इंद्रजीत ने कभी वज्र का प्रयोग नहीं किया। उसने अपनी विजय ब्रह्मास्त्र और नागपाश से प्राप्त की थी। उसका नाम केवल इंद्र पर विजय का प्रतीक है।

इंद्रजीतमेघनादवज्र
दिव्यास्त्र

ब्रह्मास्त्र और वरुणास्त्र में क्या संबंध था?

ब्रह्मास्त्र जैसे उच्चतर और अधिक शक्तिशाली अस्त्र वरुणास्त्र को निष्फल कर सकते थे। यह दिव्यास्त्रों के पदानुक्रम को दर्शाता है।

ब्रह्मास्त्रवरुणास्त्रपदानुक्रम
दिव्यास्त्र

पाशुपतास्त्र और ब्रह्मास्त्र में कौन ज्यादा शक्तिशाली है?

पाशुपतास्त्र ब्रह्मास्त्र से भी अधिक शक्तिशाली है। पुराणों में कहा गया है कि पाशुपतास्त्र ब्रह्मास्त्र को भी निगल सकता है।

पाशुपतास्त्रब्रह्मास्त्रतुलना
दिव्यास्त्र

दिव्यास्त्र यमदण्ड की शक्ति कितनी थी?

दिव्यास्त्र यमदण्ड अचूक और अत्यंत विनाशकारी था। इसकी शक्ति ब्रह्मास्त्र के समान मानी गई थी और यह यमराज के कालदण्ड की शक्ति का अंश था।

यमदण्डदिव्यास्त्रशक्ति
दिव्यास्त्र

गरुडास्त्र और ब्रह्मास्त्र में क्या फर्क है?

ब्रह्मास्त्र सर्वनाशक है जो पूरे लोकों को भस्म कर सकता है, जबकि गरुडास्त्र एक विशेषज्ञ, सामरिक और रक्षात्मक हथियार है जो सर्प-अस्त्रों का प्रतिकार करता है।

गरुडास्त्रब्रह्मास्त्रअंतर
विज्ञान और मंत्र

प्राचीन काल में मंत्रों से अस्त्र कैसे चलते थे

प्राचीन काल में दिव्यास्त्र भौतिक नहीं, बल्कि ऊर्जा आधारित थे। योद्धा विशिष्ट मंत्रों की ध्वनि तरंगों और अपनी संकल्प शक्ति से एक साधारण बाण या तिनके में परमाणु ऊर्जा का संचार कर उसे अस्त्र बना देते थे।

दिव्यास्त्रब्रह्मास्त्रऊर्जा
अस्त्र शस्त्र

महाभारत में ब्रह्मास्त्र कितनी बार चला था?

महाभारत में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कम से कम 2-3 प्रमुख बार हुआ — द्रोण द्वारा, और सबसे प्रसिद्ध: अश्वत्थामा एवं अर्जुन ने एक साथ (सौप्तिकपर्व)। अश्वत्थामा ने उत्तरा के गर्भ पर मोड़ा था।

ब्रह्मास्त्रमहाभारत प्रयोगअश्वत्थामा
अस्त्र शस्त्र

गुरु द्रोण ने किन-किन को दिव्यास्त्र दिए थे?

द्रोण ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र + ब्रह्मशिरास्त्र (संहार सहित), अश्वत्थामा को ब्रह्मास्त्र + ब्रह्मशिरास्त्र + नारायणास्त्र (संहार विधि बिना), युधिष्ठिर को ब्रह्मास्त्र दिया।

द्रोण शिष्यअर्जुनअश्वत्थामा
अस्त्र शस्त्र

कुरुक्षेत्र युद्ध में कौन-कौन से दिव्यास्त्र चले थे?

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मास्त्र, नारायणास्त्र, पाशुपतास्त्र, वासवी शक्ति, अंजलिकास्त्र, इंद्रास्त्र, वायव्यास्त्र, आग्नेयास्त्र, वरुणास्त्र, वैष्णवास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र चले थे।

कुरुक्षेत्र दिव्यास्त्रब्रह्मास्त्रनारायणास्त्र
अस्त्र शस्त्र

भीष्म पितामह के पास कौन से दिव्य अस्त्र थे?

भीष्म के पास ब्रह्मास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, समस्त देवास्त्र और 5 अभिमंत्रित स्वर्ण तीर थे। परशुराम से पूरी युद्धकला प्राप्त की थी — प्रस्वापनास्त्र एकमात्र ऐसा था जिसका उत्तर परशुराम के पास नहीं था।

भीष्मदिव्य अस्त्रब्रह्मास्त्र
अस्त्र शस्त्र

परशुराम के पास कौन-कौन से अस्त्र थे?

परशुराम के पास परशु (फरसा), शार्ङ्ग धनुष (विष्णु का), विजय धनुष (इंद्र से), ब्रह्मास्त्र, पाशुपतास्त्र और अनेक दिव्यास्त्र थे। उन्होंने भीष्म, द्रोण और कर्ण को अस्त्र-शिक्षा दी।

परशुराम अस्त्रविजय धनुषशार्ङ्ग
श्रीमद्भागवत

परीक्षित गर्भ में कैसे बचे?

परीक्षित कृष्ण की कृपा से बचे; कृष्ण ने उत्तरा के गर्भ को अपनी माया के कवच से ढक दिया और ब्रह्मास्त्र शांत हो गया।

परीक्षितगर्भ रक्षाकृष्ण
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र के बारे में क्या कहा?

कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि यह अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र है; वह इसे लौटाना नहीं जानता और इसका निवारण ब्रह्मास्त्र से ही होगा।

कृष्णअश्वत्थामाब्रह्मास्त्र

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।