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विस्तृत उत्तर
दुःखदपुर यममार्ग की 16 मध्यवर्ती पुरियों में दसवाँ नगर है। यह केवल दुःख और मानसिक तथा शारीरिक पीड़ा देने वाला स्थान बताया गया है। आत्मा बह्वापदपुर के बाद दुःखदपुर पहुँचती है। यममार्ग में पहले से ही भूख, प्यास, थकान, दाह, यमदूतों के प्रहार और भय हैं; दुःखदपुर में आत्मा विशेष रूप से दुःख और पीड़ा का अनुभव करती है।
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