विस्तृत उत्तर
नारदजी के शाप से राम अवतार का सीधा सम्बन्ध है — नारदजी के शाप के कारण भगवान विष्णु को मनुष्य रूप में अवतार लेना पड़ा और स्त्री (सीता) के विरह में कष्ट उठाना पड़ा।
शिवजी ने पार्वतीजी को बताया कि रामावतार के अनेक कारणों में एक प्रमुख कारण नारदजी का शाप भी है। नारदजी ने कहा था कि भगवान को मनुष्य शरीर धारण करना होगा — और रामावतार में ठीक यही हुआ:
- 1भगवान ने अयोध्या में राजा दशरथ के घर मनुष्य रूप में जन्म लिया
- 2सीताजी का हरण होने पर उन्होंने विरह-दुख सहा — वन-वन भटके
परन्तु भगवान ने यह स्पष्ट किया कि यह सब उनकी अपनी इच्छा और लीला से हुआ — शाप तो बहाना मात्र था। वे स्वयं अवतार लेना चाहते थे — भक्तों के उद्धार, धर्म की रक्षा और असुरों के वध के लिये।





