विस्तृत उत्तर
पर्जन्य देव का उल्लेख वेदों में प्रमुखता से मिलता है, जहाँ उन्हें वर्षा का देवता, जीवनदायी जल का स्रोत और पृथ्वी को उर्वरता प्रदान करने वाली शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। ऋग्वेद के अनेक सूक्तों में उनकी स्तुति की गई है, जिसमें उनसे समय पर वर्षा करने और प्रजा का कल्याण करने की प्रार्थना की गई है। वायु देव के साथ मिलकर वे अन्न वृद्धि करते हैं, ऐसा भी वर्णन मिलता है। पुराणों में उन्हें कभी इंद्र जैसे प्रमुख देवताओं के एक महत्वपूर्ण सहायक या स्वयं एक शक्तिशाली प्राकृतिक शक्ति के अधिपति के रूप में दर्शाया गया है।
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