विस्तृत उत्तर
पर्वतास्त्र के अधिष्ठाता देवता वायु देव हैं, यानी पवन के देवता। अनेक दिव्यास्त्रों के अधिष्ठाता देवताओं के बारे में ग्रंथों में अस्पष्टता मिलती है, परंतु पर्वतास्त्र के विषय में शास्त्र स्पष्ट हैं। यह एक रोचक तथ्य है क्योंकि वायु, जो स्वयं निराकार, अदृश्य और हल्की है, वह ऐसे अस्त्र को नियंत्रित करती है जो सबसे भारी, ठोस और विशाल पर्वतों को प्रकट करता है। यह विरोधाभास ही वायु देव की असीम शक्ति को दर्शाता है। उनका नियंत्रण केवल हवा के झोंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण वायुमंडल और उसमें घटित होने वाली हर घटना पर है।
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