विस्तृत उत्तर
पारकाया प्रवेश = दूसरे शरीर में प्रवेश — शास्त्रीय संदर्भ:
शास्त्रीय प्रमाण
- 1पतंजलि (3.38): 'बंधकारणशैथिल्यात्प्रचारसंवेदनाच्च चित्तस्य परशरीरावेशः।' — बंधन शिथिल + प्रचार ज्ञान = दूसरे शरीर में प्रवेश।
- 2शंकराचार्य कथा: राजा अमरुक के शरीर में प्रवेश — शास्त्रार्थ विजय हेतु (परंपरा)।
- 3योग वासिष्ठ: लीला+पद्मा कथा — चेतना शरीर स्थानांतरण।
तांत्रिक: अत्यंत उन्नत योग/तंत्र — सहस्रार सिद्ध योगी। कुंडलिनी = शरीर से बाहर।
वास्तविकता: आधुनिक विज्ञान = प्रमाण नहीं। शास्त्रीय = प्रमाण (पतंजलि सूत्र + परंपरा)। आध्यात्मिक अर्थ: 'सर्वभूतात्मभावना' = सबमें आत्मदर्शन = सच्चा प्रवेश।
needs_review: शास्त्रीय प्रमाण हैं, आधुनिक प्रमाण नहीं।





