विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना से सिद्धि प्राप्ति का वर्णन कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में है:
सिद्धि का मार्ग
1मंत्र पुरश्चरण
मंत्र अक्षर × 1,00,000 जप। 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' (8 अक्षर) = 8 लाख जप।
2पंचकर्म
जप → हवन (1/10) → तर्पण → मार्जन → ब्राह्मण भोजन।
3काल में नियम
एकभुक्त, ब्रह्मचर्य, भूमि शयन, सत्य वाणी।
4सिद्धि के लक्षण (कुलार्णव)
- ▸साधना में स्वतः आनंद
- ▸इष्ट देव का स्वप्न या दर्शन
- ▸वाणी फलवती होना
- ▸कामनाएं स्वतः पूर्ण होने लगना
5सर्वसुलभ सिद्धि
नाम जप = नाम सिद्धि = सर्वोच्च सिद्धि। केवल भक्ति।
चेतावनी
सिद्धि प्रदर्शन न करें — नष्ट होती है। सिद्धि साधन है, साध्य नहीं।





