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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में कौन से गुण अपनाने चाहिए?

सत्य, शौच, दया, मौन, सरलता, विनय और उदार मन का आचरण करने को कहा गया है।

गुणभागवत सप्ताहसत्य
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनते समय किनसे बात नहीं करनी चाहिए?

नियम से कथा सुनने वाले को रजस्वला, अंत्यज, म्लेच्छ, पतित, गायत्रीहीन, ब्राह्मणद्वेषी और वेदबाह्य लोगों से बातचीत न करने को कहा गया है।

बातचीतश्रवण नियमभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में निंदा से क्यों बचना चाहिए?

कथा सुनने वाले को वेद, वैष्णव, ब्राह्मण, गुरु, गौसेवक, स्त्री, राजा और महापुरुषों की निंदा से बचना चाहिए।

निंदाभागवत कथावाणी संयम
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में क्रोध और लोभ क्यों छोड़ें?

कथा सुनने वाले को काम, क्रोध, मद, मान, मत्सर, लोभ, दंभ, मोह और द्वेष को पास नहीं आने देना चाहिए।

क्रोधलोभमन शुद्धि
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में जमीन पर सोना क्यों बताया गया?

नियम से कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन का विधान श्रोता के व्रत और विनय का भाग है।

भूमि शयनभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में ब्रह्मचर्य क्यों जरूरी है?

नियमपूर्वक कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन को श्रवण-व्रत का अंग बताया गया है।

ब्रह्मचर्यभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में किन चीजों से परहेज करें?

दाल, मधु, तेल, भारी अन्न, दूषित पदार्थ, बासी अन्न, काम-क्रोध-लोभ और निंदा से बचना बताया गया है।

परहेजभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

उपवास से कथा सुनने में बाधा हो तो क्या करें?

यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर है; वही नियम लें जो कथा सुनने में सहायक हो।

उपवासकथा श्रवणआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में एक समय भोजन कर सकते हैं?

हाँ, एक समय भोजन का विधान है; श्रोता हविष्य अन्न या सुविधा अनुसार एक समय भोजन करके कथा सुन सकता है।

एक समय भोजनभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में फलाहार कर सकते हैं?

हाँ, फलाहार का विकल्प दिया गया है; जो नियम सुख से निभ सके और श्रवण में सहायक हो, उसे स्वीकार करना चाहिए।

फलाहारभागवत सप्ताहआहार नियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में उपवास जरूरी है?

उपवास अनिवार्य नहीं है; यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर बताया गया है।

उपवासभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में क्या खाना चाहिए?

श्रोता एक समय हविष्य अन्न खा सकता है; शक्ति हो तो उपवास, दूध-घी, फलाहार या एक समय भोजन का विकल्प है।

आहारभागवत सप्ताहहविष्य
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में फालतू बात क्यों नहीं करनी चाहिए?

कथा में शुद्ध चित्त से ध्यान रखना है; विराम में भी व्यर्थ बात छोड़कर प्रसंगानुसार कीर्तन करना बताया गया है।

व्यर्थ बातकथा श्रवणएकाग्रता
श्रीमद्भागवत

कथा विराम में कीर्तन क्यों करना चाहिए?

विराम में कीर्तन इसलिए बताया गया है कि कथा का प्रसंग और भगवान के गुण श्रोताओं के मन में बने रहें, व्यर्थ बात न हो।

कीर्तनकथा विरामवैष्णव
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में दोपहर का विराम क्यों होता है?

दोपहर में दो घड़ी कथा विराम रखकर उसी प्रसंग के अनुसार वैष्णवों को भगवान के गुणों का कीर्तन करना बताया गया है।

दोपहर विरामकीर्तनभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा किस समय शुरू करनी चाहिए?

कथा सूर्योदय से आरंभ करने और मध्यम स्वर में साढ़े तीन पहर तक सुनाने की बात कही गई है।

कथा समयसूर्योदयभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा रोज कितनी देर सुननी चाहिए?

वक्ता को सूर्योदय से कथा आरंभ कर साढ़े तीन पहर तक मध्यम स्वर में कथा पढ़नी चाहिए, बीच में दो घड़ी विराम है।

कथा समयश्रवणभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में मन कैसे रखें?

मन को शुद्ध, चिंता-रहित, कथा में लगाकर रखना चाहिए और काम, क्रोध, लोभ, दंभ, मोह, द्वेष आदि से दूर रखना चाहिए।

मनभागवत सप्ताहएकाग्रता
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनते समय क्या छोड़ना चाहिए?

कथा सुनते समय लोक, धन, घर-पुत्र की चिंता, काम, क्रोध, लोभ, निंदा, अनुचित संग और अशुद्ध आहार छोड़ना चाहिए।

श्रवण नियमत्यागभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में द्वादशाक्षर मंत्र क्यों जपते हैं?

कथा में विघ्न न हो, इस उद्देश्य से पाँच ब्राह्मणों को द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप करने के लिये रखा जाता है।

द्वादशाक्षर मंत्रजपविघ्न निवारण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में जप कौन करे?

कथा में विघ्न न हो, इसके लिये पाँच ब्राह्मणों का वरण कर उनसे द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप कराने को कहा गया है।

जपद्वादशाक्षर मंत्रभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में कौन सा संकल्प लें?

वक्ता के सामने कल्याण के लिये सात दिन तक यथाशक्ति नियम धारण करने और शुद्ध चित्त से कथा में मन लगाने का संकल्प लें।

संकल्पभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा के वक्ता की पूजा क्यों करें?

वक्ता को शुकस्वरूप मानकर पूजते हैं और उससे कथा के प्रकाश से अज्ञान नष्ट करने की प्रार्थना करते हैं।

वक्ता पूजाभागवत कथाशुक स्वरूप
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में नारियल क्यों रखते हैं?

भागवत पुस्तक के आगे नारियल रखकर नमस्कार और स्तुति करने का विधान है, जहाँ पुस्तक को श्रीकृष्णस्वरूप माना गया है।

नारियलभागवत पूजापुस्तक पूजा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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