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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया?

अश्वत्थामा ने अर्जुन को अपनी ओर आते देखा, अपने को असहाय पाया और प्राण बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रअर्जुन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र क्या था?

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र ऐसा प्रचंड अस्त्र बताया गया है जिसका तेज सब दिशाओं में फैल गया और जिसे वह लौटाना नहीं जानता था।

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्रब्रह्मास्त्रकृष्ण
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पुत्रों की हत्या कैसे हुई?

द्रौपदी के पुत्र सो रहे थे; अश्वत्थामा ने उनके सिर काटकर दुर्योधन को भेंट किए।

द्रौपदी पुत्रहत्याअश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पांच पुत्रों को किसने मारा?

द्रौपदी के पांच पुत्रों को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने सोते समय मार डाला।

द्रौपदी पुत्रअश्वत्थामाउपपांडव
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को क्यों मारा?

अश्वत्थामा ने दुर्योधन का प्रिय कार्य समझकर द्रौपदी के सोते हुए पुत्रों को मारा, पर यह कर्म दुर्योधन को भी अप्रिय लगा।

अश्वत्थामाद्रौपदी पुत्रदुर्योधन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के सोए हुए पुत्रों की हत्या की, ब्रह्मास्त्र चलाया, अर्जुन ने उसे पकड़ा और अंत में उसकी मणि निकालकर उसे शिविर से बाहर किया गया।

अश्वत्थामाद्रौपदी पुत्रब्रह्मास्त्र
श्रीमद्भागवत

भागवत से शोक मोह भय कैसे मिटते हैं?

भागवत में बताया गया भक्ति-योग जीव को माया से उत्पन्न भ्रम से हटाता है, इसलिए शोक, मोह और भय मिटते हैं।

शोक मोह भयभागवतभक्ति योग
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से क्या लाभ होता है?

श्रीमद्भागवत सुनने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेममयी भक्ति उत्पन्न होती है और शोक, मोह तथा भय दूर होते हैं।

भागवत श्रवणभक्तिशोक मोह भय
श्रीमद्भागवत

शुकदेव जी ने भागवत क्यों सीखी?

शुकदेवजी आत्माराम और निवृत्तिपरायण थे, फिर भी भगवान हरि के गुण इतने मधुर हैं कि उन्होंने भागवत का अध्ययन किया।

शुकदेवआत्मारामभागवत
श्रीमद्भागवत

वेदव्यास ने भागवत किसे सुनाई?

वेदव्यासजी ने श्रीमद्भागवत संहिता अपने निवृत्तिपरायण पुत्र शुकदेवजी को पढ़ाई।

वेदव्यासशुकदेवभागवत संहिता
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत की रचना कैसे हुई?

व्यासजी ने भक्ति-योग से परमात्मा और उनकी माया को देखा, जीवों के अनर्थ का उपाय समझा और श्रीमद्भागवत की रचना की।

श्रीमद्भागवतवेदव्यासभक्ति योग
श्रीमद्भागवत

संसार के दुखों का असली उपाय क्या है?

नारदजी के अनुसार समस्त कर्म भगवान को अर्पित करना, कृष्ण सेवा और हरि लीला का वर्णन संसार-दुख की औषधि है।

संसार दुखतीन तापकृष्ण सेवा
श्रीमद्भागवत

चतुर्व्यूह भगवान कौन हैं?

नारदजी के मंत्र में वासुदेव, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध और संकर्षण चार नाम चतुर्व्यूह रूप से जुड़े हैं।

चतुर्व्यूहवासुदेवप्रद्युम्न
श्रीमद्भागवत

नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र किसके लिए है?

यह मंत्र वासुदेव, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध और संकर्षण रूप भगवान के ध्यान और नमस्कार से जुड़ा है।

नमो भगवते वासुदेवायवासुदेवचतुर्व्यूह
श्रीमद्भागवत

भक्ति योग वाला ज्ञान क्या है?

भगवान की प्रसन्नता के लिए किए गए कर्मों से जो ज्ञान मिलता है, वह भक्ति योग से संयुक्त ज्ञान बताया गया है।

भक्ति योगज्ञानभगवान की प्रसन्नता
श्रीमद्भागवत

भगवान की माया को कैसे समझें?

नारदजी को संतों की कृपा से गुप्त ज्ञान मिला, जिससे वे भगवान की माया का प्रभाव समझ सके।

भगवान की मायाज्ञाननारद
श्रीमद्भागवत

रजोगुण और तमोगुण कैसे दूर होते हैं?

हरि के निर्मल यश का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से भक्ति प्रकट हुई, जिसने नारदजी के रजोगुण और तमोगुण को हटाया।

रजोगुणतमोगुणभक्ति
श्रीमद्भागवत

कृष्ण कथा सुनते-सुनते भक्ति कैसे बढ़ती है?

नारदजी ने श्रद्धा से कृष्ण कथा सुनी; पद-पद सुनते हुए भगवान में रुचि हुई और भक्ति प्रकट होकर रज-तम को हटाने लगी।

कृष्ण कथाभक्ति वृद्धिश्रवण
श्रीमद्भागवत

सत्संग से भक्ति कैसे पैदा होती है?

सत्संग में सेवा, प्रसाद, कृष्ण कथा और श्रद्धापूर्वक श्रवण से नारदजी के हृदय में भक्ति प्रकट हुई।

सत्संगभक्तिकृष्ण कथा
श्रीमद्भागवत

साधुओं की सेवा से मन कैसे शुद्ध होता है?

साधुओं की सेवा से नारदजी का चित्त शुद्ध हुआ, पाप नष्ट हुए और कृष्ण कथा में उनकी रुचि जागी।

साधु सेवामन शुद्धिनारद
श्रीमद्भागवत

प्रसाद खाने से पाप मिटते हैं?

नारदजी बताते हैं कि संतों की अनुमति से पात्रों में लगा प्रसाद एक बार खाने से उनके पाप धुल गए।

प्रसादपाप नाशनारद पूर्वचरित्र
श्रीमद्भागवत

तपस्या और दान का असली फल क्या है?

तपस्या और दान का असली फल श्रीकृष्ण के गुण और लीला का वर्णन करना बताया गया है।

तपस्यादानकृष्ण गुण
श्रीमद्भागवत

वेद पढ़ने का अंतिम उद्देश्य क्या है?

नारदजी कहते हैं कि तपस्या, वेदाध्ययन, यज्ञ, स्वाध्याय, ज्ञान और दान का अविचल उद्देश्य कृष्ण के गुणों का वर्णन है।

वेदवेदाध्ययनकृष्ण गुण
श्रीमद्भागवत

दुखी मन को शांति कैसे मिले?

नारदजी के अनुसार दुखी मन को भगवान की कथा, कृष्ण सेवा और भगवान को समर्पित कर्म से वास्तविक शांति मिलती है।

मन की शांतिदुखकृष्ण सेवा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।