विस्तृत उत्तर
सनातन धर्म की ज्ञान-गंगा में दशमहाविद्याओं का स्थान सर्वोच्च है। ये केवल देवियाँ नहीं, अपितु उस एक पराशक्ति के दस दिव्य स्वरूप हैं, जो सृष्टि का सृजन, पालन और संहार करती हैं।
इन्हीं महाविद्याओं में भगवती त्रिपुर भैरवी का स्थान है, जो भगवान शिव के उग्र स्वरूप 'भैरव' की संघारिणी शक्ति हैं।





