📖
विस्तृत उत्तर
दूसरे दिन के पिण्डदान से प्रेत के पिण्डज शरीर की ग्रीवा और स्कंध, अर्थात गर्दन और कंधे, बनते हैं। यह पिण्डज शरीर के क्रमिक निर्माण का दूसरा चरण है। पहले दिन सिर बनता है और दूसरे दिन गर्दन तथा कंधों की उत्पत्ति होती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?