ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
स्तोत्र परिचय📜 स्कंद पुराण — लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र, ब्रह्म वैवर्त पुराण3 मिनट पठन

लक्ष्मी सहस्त्रनाम क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र में देवी के 1000 नाम हैं — स्कंद पुराण और ब्रह्म वैवर्त पुराण में यह मिलता है। प्रमुख नाम हैं — श्री, रमा, पद्मा, इंदिरा, वसुंधरा, महालक्ष्मी, भुवनेश्वरी, मोक्षदायिनी। शुक्रवार को इसका पाठ लक्ष्मी को स्थायी करता है।

📖

विस्तृत उत्तर

लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र देवी लक्ष्मी के 1000 नामों का संकलन है:

परिचय

  • स्रोत: स्कंद पुराण और ब्रह्म वैवर्त पुराण में यह मिलता है
  • नामों की संख्या: 1000 (सहस्र = एक हजार)
  • पाठ का फल: सभी मनोकामनाएं पूर्ण, धन-धान्य, सौभाग्य और मोक्ष

लक्ष्मी सहस्रनाम के प्रमुख नाम (100 प्रमुख)

  1. 1श्री, 2. लक्ष्मी, 3. पद्मा, 4. पद्मालया, 5. पद्ममालिनी, 6. पद्मप्रिया, 7. पद्महस्ता, 8. पद्माक्षी, 9. पद्मसुंदरी, 10. पद्मोद्भवा,
  2. 2पद्ममुखी, 12. पद्मनाभप्रिया, 13. रमा, 14. पद्ममालाधरा, 15. देवी, 16. पद्मिनी, 17. पद्मगंधिनी, 18. पुण्यगंधा, 19. सुप्रसन्ना, 20. प्रसादाभिमुखी,
  3. 3प्रभा, 22. चंद्रवदना, 23. चंद्रा, 24. चंद्रसहोदरी, 25. चतुर्भुजा, 26. चंद्ररूपा, 27. इंदिरा, 28. इंदुशीतला, 29. आह्लादजननी, 30. पुष्टि,
  4. 4शिवा, 32. शिवकरी, 33. सत्या, 34. विमला, 35. विश्वजननी, 36. पुष्टि, 37. दारिद्र्यनाशिनी, 38. प्रीतिपुष्करिणी, 39. शांता, 40. शुक्लमाल्यांबरा,
  5. 5श्री, 42. भास्करी, 43. बिल्वनिलया, 44. वरारोहा, 45. यशस्विनी, 46. वसुंधरा, 47. उदारांगा, 48. हरिणी, 49. हेममालिनी, 50. धनधान्यकी,
  6. 6सिद्धि, 52. स्त्रैणसौम्या, 53. शुभप्रदा, 54. नृपवेश्मगतानंदा, 55. वरलक्ष्मी, 56. वसुप्रदा, 57. शुभा, 58. हिरण्यप्राकारा, 59. समुद्रतनया, 60. जया,
  7. 7मंगला, 62. देवि, 63. विष्णुवक्षःस्थलस्थिता, 64. विष्णुपत्नी, 65. प्रसन्नाक्षी, 66. नारायणसमाश्रिता, 67. दारिद्र्यध्वंसिनी, 68. देवी, 69. सर्वोपद्रवनिवारिणी, 70. नवदुर्गा,
  8. 8महाकाली, 72. ब्रह्मविष्णुशिवात्मिका, 73. त्रिकालज्ञानसंपन्ना, 74. भुवनेश्वरी, 75. अनंता, 76. अष्टलक्ष्मी, 77. महालक्ष्मी, 78. त्रिभुवनेश्वरी, 79. क्षमा, 80. दया,
  9. 9करुणा, 82. भक्तवत्सला, 83. कल्याणी, 84. कल्यदायिनी, 85. धात्री, 86. सर्वसंपत्प्रदायिनी, 87. सर्वसौभाग्यदायिनी, 88. ऐश्वर्यदायिनी, 89. मंगलकारिणी, 90. सर्वांगसुंदरी,
  10. 10सर्वसिद्धिप्रदा, 92. सर्वलोकप्रिया, 93. त्रिलोकमाता, 94. मोक्षदायिनी, 95. वैकुंठनिलया, 96. परमा, 97. श्रेष्ठा, 98. विश्वमाता, 99. सर्वेश्वरी, 100. जगन्माता

पाठ विधि

  • शुक्रवार को श्री सूक्त के बाद लक्ष्मी सहस्रनाम का पाठ करें
  • दीपावली पर विशेष पाठ
  • प्रत्येक नाम के साथ 'नमः' जोड़कर जप करें: 'श्रियै नमः, लक्ष्म्यै नमः...'

फलश्रुति (स्कंद पुराण)

लक्ष्मीसहस्रनाम स्तोत्रं यः पठेत् श्रद्धयान्वितः। सर्वसौभाग्यमाप्नोति लक्ष्मीः स्थिरा भवेद् गृहे॥' — जो श्रद्धा से इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसके घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती हैं।
📜
शास्त्रीय स्रोत
स्कंद पुराण — लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र, ब्रह्म वैवर्त पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

सहस्रनामलक्ष्मी सहस्रनाम1000 नामस्कंद पुराण

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

लक्ष्मी सहस्त्रनाम क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको स्तोत्र परिचय से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर स्कंद पुराण — लक्ष्मी सहस्रनाम स्तोत्र, ब्रह्म वैवर्त पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।