ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
जीवन एवं मृत्यु⏱ 2 मिनट पठन

मृत्यु के समय प्राण कैसे निकलते हैं?

गरुड़ पुराण के अनुसार प्राण शरीर के नौ द्वारों में से किसी एक से निकलते हैं।

संक्षिप्त उत्तर

गरुड़ पुराण के अनुसार प्राण शरीर के नौ द्वारों में से किसी एक से निकलते हैं। नासिका-मुख से निकलना शुभ, आँखों से निकलना मोह का संकेत, उत्सर्जन अंगों से निकलना अशुभ और ब्रह्मरंध्र से निकलना मोक्ष का द्योतक है।

📖

विस्तृत उत्तर

गरुड़ पुराण में प्राण-निर्गमन का बहुत विस्तृत वर्णन मिलता है। शास्त्र के अनुसार शरीर के नौ द्वार होते हैं — दोनों आँखें, दोनों कान, दोनों नासिकाएँ, मुख और दो उत्सर्जन अंग। इन्हीं में से किसी एक द्वार से आत्मा शरीर का त्याग करती है, और यह कौन से द्वार से होगा, यह व्यक्ति के कर्म और स्वभाव पर निर्भर करता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार: जो व्यक्ति जीवन भर धर्म के मार्ग पर चला हो, उसके प्राण नासिका से निकलते हैं — जो अत्यंत शुभ माना जाता है। जो व्यक्ति धर्मनिष्ठ हो, उसके प्राण मुख से निकलते हैं। जो व्यक्ति मोहग्रस्त हो, उसके प्राण आँखों से निकलते हैं — इसीलिए आँखें खुली रह जाती हैं। जो व्यक्ति स्वार्थी, विषयासक्त और पापी हो, उसके प्राण उत्सर्जन अंगों से निकलते हैं — जो अत्यंत अशुभ माना जाता है। महात्माओं और ऊँचे साधकों के प्राण ब्रह्मरंध्र (सिर के शीर्ष) से निकलते हैं जिससे उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है।

इस प्रकार प्राण-निर्गमन जीवन का अंतिम प्रमाण है — किस मार्ग से प्राण निकले, यह बताता है कि व्यक्ति ने जीवन किस प्रकार जिया।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

प्राण निर्गमनमृत्युनौ द्वारगरुड़ पुराण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मृत्यु के समय प्राण कैसे निकलते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको जीवन एवं मृत्यु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#प्राण निर्गमन#मृत्यु#नौ द्वार#गरुड़ पुराण