विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में नौ दिनों के इस तपस्या-काल के लिए सात्विक आहार का विधान किया गया है।
व्रत के दौरान निम्नलिखित का सेवन शास्त्रसम्मत है:
— कुट्टू (Kuttu)
— सिंघाड़ा
— राजगिरा
— ताजे फल
— दूध
— दही
— पनीर
— सेंधा नमक (Rock salt)
पूर्ण नौ दिनों तक केवल सात्विक आहार का सेवन करना चाहिए।
