विस्तृत उत्तर
पूजा सामग्री — फूल, बेलपत्र, तुलसी, अक्षत, धूप-बत्ती की राख, नारियल, प्रसाद आदि — को कूड़े में फेंकना शास्त्र और धर्मानुसार पूर्णतः अनुचित है। यह सामग्री भगवान को समर्पित होने के बाद पवित्र हो जाती है और उसका उचित विसर्जन करना भक्त की जिम्मेदारी है।
विभिन्न सामग्रियों के विसर्जन के उचित स्थान: फूल, पत्ते, तुलसी — नदी में या पीपल-वट की जड़ में। नारियल का खोल — नदी में या मिट्टी में दबाएं। अगरबत्ती-धूप की राख — तुलसी के पौधे में या पवित्र मिट्टी में। पंचामृत, जल — तुलसी के पास या बहते जल में। पुराना प्रसाद — पशु-पक्षियों को खिलाएं या भूमि में दबाएं। फटे या पुराने चित्र/कागज — पवित्र अग्नि में जलाएं।
कुछ सामग्री जो खराब न हुई हो — जैसे मौली, कुमकुम, अक्षत — उन्हें किसी और पूजा में उपयोग किया जा सकता है या प्रसाद रूप में वितरित किया जा सकता है। पूजाघर और मंदिर की सफाई के दौरान सामग्री निकालते समय हमेशा यह ध्यान रखें कि इसे सम्मानपूर्वक विसर्जित किया जाए।





