विस्तृत उत्तर
यदि घर में रखी देव प्रतिमा टूट जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं। शास्त्र और धर्मग्रंथ इस बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन देते हैं।
खंडित मूर्ति की पूजा करना उचित नहीं है — टूटी हुई प्रतिमा पूजास्थल पर नहीं रखनी चाहिए। सनातन धर्मशास्त्र के अनुसार, यदि मूर्ति मात्र गिरी हो और टूटी न हो, तो उसे गंगाजल या शुद्ध जल से धोकर पुनः विधिपूर्वक पूजाकर स्थापित किया जा सकता है। किंतु यदि मूर्ति खंडित हो गई हो — भले ही एक छोटा टुकड़ा टूटा हो — तो उसे पूजाघर से हटा देना चाहिए।
खंडित मूर्ति को बहते जल (नदी) में विसर्जित करना सर्वोत्तम है। यदि मूर्ति में प्राण-प्रतिष्ठा हुई है, तो किसी पंडित से मार्गदर्शन लें क्योंकि तब विशेष कर्मकांड करके मूर्ति में से देवता के तत्त्व को नई प्रतिमा में स्थापित करने की विधि होती है। मूर्ति को गली, सड़क या कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए — यह अत्यंत अनुचित है। विशेष अपवाद: शिवलिंग को खंडित नहीं माना जाता क्योंकि यह निराकार स्वरूप है, अतः टूटे शिवलिंग को भी पूजा में रख सकते हैं।





