ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा विधि एवं नियम⏱ 2 मिनट पठन

पूजा में शंख बजाने की सही विधि क्या है?

पूजा में शंख बजाने से पहले विष्णु का ध्यान करें, फिर एक बार में तीन बार बजाएं। शिव पूजा में शंख न बजाएं।

संक्षिप्त उत्तर

पूजा में शंख बजाने से पहले विष्णु का ध्यान करें, फिर एक बार में तीन बार बजाएं। शिव पूजा में शंख न बजाएं। बजाने और जल अर्पण के लिए अलग-अलग शंख का उपयोग करें।

📖

विस्तृत उत्तर

पूजा में शंख बजाना एक पवित्र कार्य है जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, वातावरण शुद्ध करता है और देव-आह्वान का संकेत होता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार शंख में वरुण, ब्रह्मा और गंगा का वास है।

शंख बजाने की सही विधि: पूजा से पहले स्नान कर शुद्ध होकर बैठें। शंख बजाने से पहले भगवान विष्णु का ध्यान करें — यह अनिवार्य माना गया है। शंख को हमेशा एक साथ तीन बार बजाएं। बिना किसी धार्मिक कार्य के शौकिया या अभ्यास के लिए भी शंख बजाना हो तो पूजा से पहले या बाद में ही बजाएं। पूजा के समय शंख की ध्वनि प्रातःकाल और संध्याकाल — दोनों समय अत्यंत शुभ होती है।

निषेध: भगवान शिव की पूजा में शंख बजाना पूर्णतः वर्जित है — शिव पूजा में शंखनाद नहीं होता। शंख से शिवलिंग पर जल भी नहीं चढ़ाना चाहिए। जो शंख बजाने के लिए प्रयोग होता है, उससे भगवान को जल नहीं चढ़ाना चाहिए — ये दोनों कार्य अलग-अलग शंख से होते हैं। बीमार व्यक्ति के कमरे में शंख न बजाएं। पूजा के बाद शंख को गंगाजल से धोकर रखें।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

शंखशंखनादपूजा विधिनियम
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा में शंख बजाने की सही विधि क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा विधि एवं नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#शंख#शंखनाद#पूजा विधि#नियम