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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

वेदव्यास कौन थे?

वेदव्यास पराशर और सत्यवती के पुत्र, भगवान के कलावतार योगीराज, वेद-विभाजक और महाभारत रचने वाले महामुनि बताए गए हैं।

वेदव्यासव्यासजीपराशर
श्रीमद्भागवत

पुराण को पाँचवाँ वेद क्यों कहते हैं?

इतिहास और पुराण को पाँचवाँ वेद कहा गया है; आगे महाभारत द्वारा वेद का अर्थ आम लोगों के लिए खोलने की बात आती है।

पुराणपाँचवाँ वेदइतिहास
श्रीमद्भागवत

चार वेद कौन से हैं?

चार वेद ऋक्, यजुः, साम और अथर्व बताए गए हैं।

चार वेदऋग्वेदयजुर्वेद
श्रीमद्भागवत

वेदों को किसने बाँटा?

भगवान के कलावतार योगीराज व्यासजी ने एक वेद को चार भागों में विभाजित किया।

वेदवेदव्यासचार वेद
श्रीमद्भागवत

महाभारत क्यों लिखा गया?

महाभारत इसलिए लिखा गया कि जो लोग वेद-श्रवण के अधिकारी नहीं थे, वे भी धर्म-कर्म और कल्याणकारी मार्ग समझ सकें।

महाभारतवेदव्यासस्त्री शूद्र
श्रीमद्भागवत

सूतजी ने भागवत कथा किससे सीखी?

सूतजी शुकदेवजी की भागवत कथा के समय वहाँ बैठे थे और उनकी कृपा से उन्होंने इसका अध्ययन किया।

सूतजीशुकदेवभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

कलियुग में भागवत को सूर्य क्यों कहा गया है?

कृष्ण के धाम जाने पर जब कलियुग में लोग अज्ञान-अंधकार से अंधे हो रहे थे, तब भागवत पुराण सूर्य के समान प्रकट हुआ।

कलियुगभागवत सूर्यअज्ञान
श्रीमद्भागवत

परीक्षित ने गंगा तट पर भागवत क्यों सुनी?

इतना बताया गया है कि परीक्षित गंगातट पर आमरण अनशन का व्रत लेकर ऋषियों से घिरे बैठे थे और शुकदेवजी ने उन्हें भागवत सुनाई।

परीक्षितगंगा तटभागवत श्रवण
श्रीमद्भागवत

शुकदेव जी ने भागवत किसे सुनाई?

शुकदेवजी ने श्रीमद्भागवत राजा परीक्षित को सुनाई, जो गंगातट पर आमरण अनशन का व्रत लेकर बैठे थे।

शुकदेवराजा परीक्षितगंगा तट
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत किसके लिए बनाई गई?

वेदव्यास ने भगवत चरित्र से पूर्ण भागवत पुराण लोकों के परम कल्याण के लिए बनाया और शुकदेवजी को ग्रहण कराया।

श्रीमद्भागवतवेदव्यासलोक कल्याण
श्रीमद्भागवत

कृष्ण से अनन्य प्रेम करने का फल क्या है?

जो भगवान वासुदेव से सर्वात्मभाव और अनन्य प्रेम करते हैं, वे जन्म-मरण रूप संसार के भयंकर चक्र में फिर नहीं पड़ते।

कृष्ण प्रेमअनन्य प्रेमजन्म मृत्यु
श्रीमद्भागवत

भगवान की लीला को कौन समझ सकता है?

भगवान की लीला को वही समझ सकता है जो निष्कपट भाव से निरंतर उनके चरणकमलों की सेवा और स्मरण करता है।

भगवान लीलाभक्तिचरण सेवा
श्रीमद्भागवत

भगवान संसार रचकर भी अलग कैसे रहते हैं?

भगवान लीला से संसार की सृष्टि, पालन और संहार करते हैं, पर उसमें आसक्त नहीं होते और सबके भीतर रहते हुए भी स्वतंत्र रहते हैं।

भगवानसृष्टिलीला
श्रीमद्भागवत

माया दूर होने पर जीव को क्या अनुभव होता है?

जब अविद्या से बना स्थूल-सूक्ष्म शरीर का आरोप मिटता है, तब ब्रह्म का साक्षात्कार होता है और जीव अपनी स्वरूप-महिमा में स्थित होता है।

मायाजीवआत्मज्ञान
श्रीमद्भागवत

सूक्ष्म शरीर और जीव का संबंध क्या है?

स्थूल रूप से परे सूक्ष्म शरीर बताया गया है; आत्मा का उसमें आरोप या प्रवेश होने से वही जीव कहलाता है और उसका पुनर्जन्म होता है।

सूक्ष्म शरीरजीवपुनर्जन्म
श्रीमद्भागवत

भगवान के स्थूल रूप का मतलब क्या है?

भगवान का स्थूल जगदाकार रूप उनकी माया के महत्तत्त्व आदि गुणों से उनमें कल्पित बताया गया है; वह उनका वास्तविक प्राकृत रूप नहीं है।

स्थूल रूपजगदाकार रूपमाया
श्रीमद्भागवत

भगवान की जन्म कथा पढ़ने का फल क्या है?

जो मनुष्य भगवान के दिव्य जन्म की कथा को नियमपूर्वक सुबह-शाम प्रेम से पढ़ता है, वह दुखों से छूट जाता है।

भगवान जन्म कथापाठ फलदुख मुक्ति
श्रीमद्भागवत

क्या भगवान के अवतार अनगिनत हैं?

हाँ, भगवान हरि के अवतार असंख्य बताए गए हैं, जैसे विशाल सरोवर से हजारों धाराएँ निकलती हैं।

असंख्य अवतारहरिभगवान
श्रीमद्भागवत

कृष्ण को स्वयं भगवान क्यों कहा गया है?

कहा गया है कि अन्य अवतार अंश या कला हैं, पर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं भगवान हैं।

कृष्णस्वयं भगवानअंशावतार
श्रीमद्भागवत

कल्कि अवतार कब होगा?

कलियुग के अंत के समीप, जब राजा प्रायः लुटेरे हो जाएँगे, तब भगवान विष्णुयश ब्राह्मण के घर कल्कि रूप में अवतीर्ण होंगे।

कल्कि अवतारकलियुगविष्णुयश
श्रीमद्भागवत

बुद्ध अवतार का उद्देश्य क्या बताया गया है?

बुद्ध अवतार कलियुग में मगध देश में देवताओं से द्वेष रखने वाले दैत्यों को मोहित करने के लिए बताया गया है।

बुद्ध अवतारकलियुगमगध
श्रीमद्भागवत

बलराम और कृष्ण अवतार का उद्देश्य क्या था?

बलराम और कृष्ण यदुवंश में प्रकट हुए और उन्होंने पृथ्वी का भार उतारा।

बलरामकृष्णयदुवंश
श्रीमद्भागवत

राम अवतार में भगवान ने क्या किया?

राम अवतार में भगवान ने देवताओं का कार्य पूरा करने के लिए सेतुबंधन और रावण वध आदि वीरतापूर्ण लीलाएँ कीं।

राम अवतारसेतु बंधनरावण वध
श्रीमद्भागवत

व्यास अवतार ने वेदों को क्यों बाँटा?

व्यास अवतार में भगवान ने लोगों की समझ और धारणाशक्ति कम देखकर वेद रूप वृक्ष की कई शाखाएँ बना दीं।

व्यास अवतारवेदसत्यवती

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