विस्तृत उत्तर
भगवान के कई प्रमुख अवतारों की सूची देने के बाद स्पष्ट कहा गया है कि भगवान हरि के अवतार असंख्य हैं। तुलना दी गई है कि जैसे अगाध सरोवर से हजारों छोटे-छोटे नाले निकलते हैं, वैसे ही सत्त्वनिधि भगवान श्रीहरि से असंख्य अवतार प्रकट होते हैं। आगे ऋषि, मनु, देवता, मनुपुत्र, प्रजापति और जितने भी महान शक्तिशाली हैं, वे सब भगवान के अंश बताए गए हैं। इसका अर्थ है कि सूची में गिने गए अवतारों को अंतिम सीमा नहीं समझना चाहिए। भगवान की शक्ति अनंत है और उनके रूप लोक-कल्याण, रक्षा और लीला के अनुसार अनेक प्रकार से प्रकट होते हैं। इसलिए उत्तर है: हाँ, अवतार अनगिनत हैं।
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