विस्तृत उत्तर
उन्नीसवें और बीसवें अवतार के रूप में बलराम और श्रीकृष्ण का उल्लेख है। पाठ कहता है कि वे यदुवंश में प्रकट हुए और पृथ्वी का भार उतारा। यहाँ इस भार का विस्तृत कारण या पूरी कृष्ण-बलराम लीला नहीं बताई गई, इसलिए उत्तर को इस कथन तक ही सीमित रखना चाहिए। उनका प्राकट्य लोक-रक्षा और पृथ्वी पर बढ़े भार को दूर करने से जुड़ा है। आगे कहा गया है कि अन्य अवतार अंश या कला हैं, पर श्रीकृष्ण स्वयं भगवान हैं और जब लोग दैत्यों के अत्याचार से व्याकुल होते हैं, तब भगवान युग-युग में अनेक रूप धारण करके उनकी रक्षा करते हैं। इस संदर्भ में बलराम-कृष्ण अवतार रक्षा और भारहरण से जुड़े हैं।
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