विस्तृत उत्तर
कल्कि अवतार का समय और परिस्थिति बताई गई है। पाठ कहता है कि जब कलियुग का अंत समीप होगा और राजा लोग प्रायः लुटेरे हो जाएँगे, तब जगत के रक्षक भगवान विष्णुयश नामक ब्राह्मण के घर कल्कि रूप में अवतीर्ण होंगे। यहाँ कल्कि अवतार का आगे का विस्तृत कार्य नहीं बताया गया, इसलिए उत्तर में उसी सीमा को रखना चाहिए। इस श्लोक से दो बातें स्पष्ट होती हैं: कल्कि अवतार कलियुग के अंतिम समय से जुड़ा है, और उसका प्राकट्य अधर्ममय शासन या डाकू-समान राजाओं की स्थिति में होगा। भगवान को यहाँ जगत का रक्षक कहा गया है, इसलिए कल्कि अवतार संरक्षण और धर्म-स्थापन की दिशा से जुड़ा हुआ है।
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